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रविवार, 17 फ़रवरी, 2008 को 07:35 GMT तक के समाचार

मालदिनी का हज़ार मैचों का रिकॉर्ड

मशहूर फ़ुटबॉल खिलाड़ी पाउलो मालदिनी ने फ़ुटबॉल के 1000 मैच खेलने का रिकॉर्ड बना लिया है. मालदिनी इटली के क्लब एसी मिलान के लिए खेलते हैं.

शनिवार को वो इटली के ही क्लब पार्मा के ख़िलाफ़ मैदान में उतरे. वो 68 मिनट तक मैदान पर रहे. दोनों टीमों के बीच ये मुकाबला 0-0 से ड्रा रहा.

इसी साल मई में मालदिनी फ़ुटबॉल को अलविदा कहने वाले हैं. उनका आखिरी मैच 'चैंपियंस लीग' का फ़ाइनल मुकाबला होगा.

उन्होंने, 2006 के फुटबॉल वर्ल्ड कप के पहले ही अंतर्राष्ट्रीय फ़ुटबॉल को अलविदा कह दिया था. लेकिन वो अपने क्लब एसी मिलान के लिए खेलते रहे.

शानदार करियर

39 साल के मालदिनी ने अपने फ़ुटबॉल करियर की शुरुआत 16 साल की उम्र में की थी.

तभी से वो एसी मिलान के लिए खेल रहे हैं. इस क्लब के लिए वो अब तक 861 मैच खेल चुके हैं.

मालदिनी का करियर बेहद शानदार रहा है. वो 126 बार अंतर्राष्ट्रीय मैचों में अपने देश इटली की कमान संभाल चुके हैं.

मालदिनी के 1000 मैचों में सबसे खास बात ये है कि इनमें से 916 मैचों में वो शुरू से लेकर अंत तक खेले. जबकि पैंसठ मैच ही ऐसे थी जिनमें वो बीच में ही मैदान से हटे.

मालदिनी एक बार ओलंपिक में भी अपने देश का नेतृत्व कर चुके हैं. जबकि, बारह बार वो अंडर 21 विश्व कप के लिए अपने देश के लिए खेल चुके हैं.

मालदिनी कहते हैं कि- 'लंबे समय तक खेलने के लिए किसी भी खिलाड़ी को काफी मेहनत करनी होती है क्योंकि, अगर आप मज़बूत नहीं होंगे तो आप अपने से कई साल छोटे खिलाड़ी के सामने टिक नहीं पाएंगे'

पाउलो मालदिनी ने अपने क्लब एसी मिलान को सात बार 'सीरी ए' ख़िताब और पांच बार 'चैंपियंस लीग' का ख़िताब दिलवाया है.

इसके अलावा उन्होंने 'यूरोपियन सुपर कप' और पांच 'इटेलियन सुपर कप' के ख़िताबी मुकाबले भी जितवाए हैं.

मालदिनी 1994 में विश्व कप के फ़ाइनल में ब्राज़ील के खिलाफ पेनालटी किक चूक गए थे.

जबकि, 2000 में उनकी टीम 'यूरोपीय चैंपियनशिप' फाइनल में एक्ट्रा टाइम के दौरान फ्रांस से हार गई थी.

मालदिनी इस फुटबॉल सीज़न में इटली का सबसे बड़े क्लब मुकाबले 'सीरी ए' में भी खेलेंगे.

लेकिन, एसी मिलान का इसमें फ़ाइनल जीतना नामुमकिन है क्योंकि,
उनकी टीम ख़िताब की दौड़ में सबसे आगे चल रही इंटर मिलान से 21 अंक पीछे चल रही है.

हालांकि, उन्हें उम्मीद है कि वो चैंपियंस लीग में अपने क्लब को छठा खिताब ज़रूर दिला पाएंगे.

शायद ये उनके शानदार करियर को अलविदा कहने के लिए सबसे शानदार तोहफा होगा.