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गुरुवार, 14 फ़रवरी, 2008 को 16:48 GMT तक के समाचार

गाली गलौज पर पूर्ण पाबंदी की मांग

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) क्रिकेट में गाली-गलौज पर पूरी तरह पाबंदी लगाने का प्रस्ताव रखने वाली है.

अगले सप्ताह होने वाली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की बैठक में बीसीसीआई यह प्रस्ताव लाएगी.

बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह ने बीबीसी स्पोर्ट्स को बताया कि क्रिकेट में अपशब्दों के बढ़ते चलन के कारण खेल का नुक़सान हो रहा है.

उन्होंने कहा, "गाली गलौज की क्रिकेट में कोई जगह नहीं होनी चाहिए. यह क्रिकेट के लिए अच्छा नहीं है."

निरंजन शाह ने कहा कि क्रिकेट 'जेंटिलमैन गेम' है और वे यह नहीं समझ पा रहे हैं कि इस खेल में गाली गलौज के लिए क्यों जगह होनी चाहिए.

आजकल क्रिकेट में गाली गलौज का इस्तेमाल विरोधी टीम पर मनोवैज्ञानिक बढ़त लेने के लिए ख़ूब होने लगा है. लेकिन हाल ही में ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच संपन्न हुई टेस्ट सिरीज़ के दौरान यह मामला काफ़ी सुर्ख़ियों में रहा था.

मामला

सिडनी टेस्ट मैच के दौरान भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह पर ये आरोप लगा कि उन्होंने एंड्रयू साइमंड्स पर नस्लवादी टिप्पणी की है. बाद में इस मामले ने इतना तूल पकड़ा कि एक बार तो भारत के दौरे पर ही सवाल उठने लगे.

हरभजन सिंह पर पाबंदी भी लगी लेकिन अपील के बाद उन पर से ये पाबंदी हटा ली गई. हालाँकि हरभजन और साइमंड्स दोनों ने यह बात ज़रूर स्वीकार की कि उन्होंने एक-दूसरे को अपशब्द कहे थे.

बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह का कहना है कि अपशब्दों को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि ऐसे अपशब्दों का मतलब निकालने के कारण और समस्या खड़ी होती है क्योंकि एक देश में कोई शब्द उतना बड़ा मसला नहीं होता जितना अन्य देशों में.

निरंजन शाह ने कहा कि इससे बेहतर यही होगा कि ऐसे अपशब्दों पर पूरी रोक ही लगा दी जाए.