गुरुवार, 14 फ़रवरी, 2008 को 12:51 GMT तक के समाचार
दुनिया के सबसे धनी फ़ुटबॉल क्लबों में स्पेन के रियाल मैड्रिड की बादशाहत बरक़रार है. लेकिन इंग्लैंड के क्लबों ने अपनी कमाई में अच्छी ख़ासी बढ़ोत्तरी की है.
सबसे धनी क्लबों की सूची में इंग्लैंड का मैनचेस्टर यूनाइटेड दूसरे नंबर पर पहुँच गया है. चेल्सी का स्थान चौथा है. नए स्टेडियम में आने के बाद आर्सनल की भी कमाई बढ़ी है और वह पाँचवें स्थान पर पहुँच गया है.
जबकि लिवरपूल आठवें स्थान पर है. वर्ष 2006-07 सत्र में क्लबों की कमाई के आधार पर बिजनेस सलाहकार कंपनी डेल्वाइट ने ये सूची जारी की है. आठ साल तक इंग्लैंड का मैनचेस्टर यूनाइटेड इस सूची में सर्वोपरि रहा लेकिन बाद में रियाल मैड्रिड ने उसे पीछे छोड़ दिया.
अब पिछले तीन वर्षों से रियाल मैड्रिड ने कमाई में अपना शीर्ष स्थान बरक़रार रखा है. टॉप 20 क्लबों में सात ब्रितानी क्लब हैं. रिपोर्ट के मुताबिक़ 2007-08 सत्र में भी इंग्लैंड के क्लबों की अच्छी ख़ासी कमाई होगी.
सूची
ताज़ा सूची से यह भी साबित होता है कि ज़्यादातर वही क्लब धनी क्लबों में हैं, जिनका पहले से ही इस पर एकाधिकार है. टॉप 10 क्लबों में एक या दो का बदलाव ही होता है.
इटली का क्लब युवेन्टस टॉप-10 में इसलिए स्थान नहीं पा सका क्योंकि 2006-07 के सत्र में उसे निचले फ़ुटबॉल लीग में खेलना पड़ा था. इसलिए उनका स्थान रोमा को मिल गया.
डेल्वाइट ने सूची बनाते समय टिकटों की बिक्री, प्रसारण अधिकार, ख़रीद-बिक्री को आधार बनाया है. हालाँकि खिलाड़ियों के ट्रांसफ़र से मिलने वाले राजस्व को इसमें नहीं शामिल किया गया है.
इस सूची के टॉप 20 क्लबों में सभी यूरोपीय क्लब ही हैं. पिछले साल के मुक़ाबले इन क्लबों की कमाई में 11 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई है.
वर्ष 2006-07 में स्पैनिश लीग ला लीगा का ख़िताब जीतने वाले रियाल मैड्रिड की कमाई बढ़कर 236.2 मिलियन पाउंड हो गई है. एक साल पहले ये 202 मिलियन पाउंड थी. दूसरा स्थान मैनचेस्ट यूनाइटेड और तीसरा स्थान स्पेन के ही क्लब बार्सिलोना का है.