बुधवार, 30 जनवरी, 2008 को 04:33 GMT तक के समाचार
हरभजन सिंह पर नस्लवादी टिप्पणी के आरोप और पाबंदी हटाने पर भले ही भारत खुश हो पर ऑस्ट्रेलिया के मीडिया ने इस पर तीख़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है.
मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के अपील कमिश्नर जॉन हेंसन ने हरभजन सिंह पर नस्लवादी टिप्पणी का आरोप हटाने का फ़ैसला सुनाया था. इसी के साथ उनपर लगा प्रतिबंध भी हटा लिया गया था.
आईसीसी के इस फ़ैसले का भारतीय क्रिकेट टीम, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) सहित भारत के क्रिकेट प्रेमियों ने स्वागत किया था और हरभजन सिंह ने राहत की सांस ली थी.
पर अपील में बचे हरभजन को अब ऑस्ट्रेलियाई मीडिया ने घेर लिया है. ऑस्ट्रेलिया के कई प्रमुख अख़बारों ने इस फ़ैसले को प्रमुखता से छापते हुए इसकी कड़ी शब्दों में आलोचना की है.
मीडिया ने कड़े शब्दों में कहा है कि बीसीसीआई के आर्थिक वर्चस्व के आगे आईसीसी झुक गया है और इसीलिए फ़ैसला भारतीय टीम के पक्ष में सुनाया गया है.
ऑस्ट्रेलियाई अख़बार द एज ने छापा है कि बीसीसीआई की आर्थिक ताकत़, फैसला उनके पक्ष में न होने पर टीम को वापस ले जाने की धमकी और वनडे सिरीज़ से होनेवाली आमदनी जैसे दबावों में फ़ैसला लिया गया है.
अख़बार एक ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी के नाम को अप्रकाशित रखते हुए उसके हवाले से बताता है कि खिलाड़ी इस फ़ैसले से बहुत निराश हुए हैं. वो कहते हैं कि पैसे का बोलबाला है. भारत क्रिकेट में आर्थिक रूप से प्रभावी है और इसलिए उनका दबाव चला है.
तीखी प्रतिक्रिया
सिडनी मॉर्निंग हेरल्ड अख़बार अपनी सुर्खियों में छापता है- 'क्रिकेट्स डे ऑफ़ शेम' और साथ ही कड़े शब्दों में कहता है कि क्रिकेट की आर्थिक महाशक्ति बीसीसीआई के आगे विश्व क्रिकेट ने घुटने टेक दिए हैं.
पूर्व क्रिकेटर पीटर रोबक इसी अख़बार में अपने कॉलम में लिखते हैं, भारतीय क्रिकेट बोर्ड की ओर से एक विमान तैयार किया जाना कि अगर एक निष्पक्ष फ़ैसला हरभजन को दोषी पाता है तो भारतीय टीम वापस लौट जाएगी, क्रिकेट के इतिहास के सबसे नग्नतापूर्ण रवैयों में से एक है.
वो आगे लिखते हैं, अगर इसी तरह भारतीय क्रिकेट बोर्ड अपनी बातें मनवाएगा तो फिर ईश्वर ही क्रिकेट की मदद कर सकता है.
ऑस्ट्रेलिया का ही एक अन्य पत्र, द ऑस्ट्रेलियन छापता है कि इस फ़ैसले से स्थापित हुआ है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड मैदान के बाहर ही अपनी आर्थिक ताकत की बदौलत जीत सकता है.
हालांकि इससे विपरीत भारतीय मीडिया हरभजन की राहत को एक बड़ी उपलब्धि और जश्न के तौर पर देख रहा है. सभी प्रमुख समाचार पत्रों में इसे प्रमुखता से छापा गया है.
ग़ौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्रयू साइमंड्स पर कथित नस्लवादी टिप्पणी करने के मामले में हरभजन सिंह पर तीन टेस्ट मैचों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था.