हरभजन सिंह को नस्लवादी टिप्पणी से बरी करने वाले जज जॉन हेंसन का कहना है कि हरभजन भाग्यशाली रहे कि उन्हे कड़ी सज़ा नहीं मिली.
उल्लेखनीय है कि हरभजन को नस्लवादी टिप्पणी के आरोप से बरी कर दिया गया था और ग़ाली देने के आरोप में मैच फ़ीस में कटौती की सज़ा सुनाई गई थी.
लेकिन अपील आयुक्त जॉन हेंसन ने कहा कि यदि उन्हें हरभजन के पुराने रिकॉर्ड की जानकारी होती तो वे अलग सज़ा सुनाते.
उल्लेखनीय है कि सन् 2001 में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ सिरीज़ में हरभजन पर अंपयार को धमकाने के आरोप में जुर्माना और पाबंदी लगाई गई थी.
जॉन हेंसन का कहना था,'' वो अपने आपको इस डॉटाबेस और मानवीय भूल के कारण भाग्यशाली मान सकते हैं.''
हेंसन का कहना था कि यदि उन्हें हरभजन के पुराने रिकॉर्ड के बारे में जानकारी होती तो वे उन पर एक मैच का प्रतिबंध लगाते.
'भाग्यशाली हरभजन'
उनका कहना था कि उन्हें जब इस मामले की जानकारी मिली तो उन्होंने सज़ा पर पुनर्विचार के बारे में सोचा था लेकिन वो ऐसा नहीं कर पाए.
जॉन हेंसन का कहना था, '' यदि मैं नवंबर, 2001 की घटना से वाकिफ़ होता तो मैं इस मामले में अलग सज़ा पर विचार करता.''
उनका कहना था,'' रात में मैंने आचार संहिता को देखा कि मुझे सज़ा पर पुनर्विचार का अधिकार है या नहीं. दुर्भाग्य से मैं ऐसा नहीं कर सकता था.''
हेंसन का कहना था,'' हरभजन सिंह अपने आपको भाग्यशाली मान सकते हैं कि उन्हें इस डॉटाबेस और मानवीय चूक का फ़ायदा मिला.''
ग़ौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्रयू साइमंड्स पर कथित नस्लवादी टिप्पणी के मामले में हरभजन सिंह पर तीन टेस्ट मैचों के लिए लगा प्रतिबंध हटा लिया गया था, और अब उन पर मैच की आधी फ़ीस का जुर्माना लगाया गया है.
इसके पहले मैच रेफ़री माइक प्रॉक्टर ने हरभजन पर तीन मैचों का प्रतिबंध लगा दिया था.