मंगलवार, 29 जनवरी, 2008 को 14:16 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्रयू सायमंड्स पर कथित नस्लवादी टिप्पणी करने के मामले में भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह पर तीन टेस्ट मैचों के लिए लगा प्रतिबंध हटा लिया गया है लेकिन उन्हें मैच की आधी फ़ीस का जुर्माना भरना होगा.
इस घटना के बाद मैच रेफ़री माइक प्रॉक्टर ने हरभजन पर तीन मैच के प्रतिबंध की घोषणा की थी.
जहाँ हरभजन ने इन आरोपों से साफ़ इनकार किया था वहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड, टीम और दर्शकों ने इस पर ख़ासी नाराज़गी जताई थी.
समाचार एजेंसियों के अनुसार मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के कमिश्नर जस्टिस जॉन हेंसन के समक्ष एडिलेड में हरभजन की अपील सुनी गई.
नस्लवादी टिप्पणी का आरोप वापस
महत्वपूर्ण है कि हरभजन पर पहले नस्लवादी टिप्पणी का आरोप लगा था लेकिन फिर भारत और ऑस्ट्रेलिया की टीमों के बीच सहमति के बाद ये आरोप वापस ले लिया गया.
हरभजन के वकील मनोहर के अनुसार हरभजन के ख़िलाफ़ गाली देने का आरोप लगा और नियमों के अनुसार उन्हें आधी मैच फ़ीस का जुर्माना भरना होगा.
वकील के अनुसार हरभजन ने सुनवाई में माना कि उन्होंने गाली तो दी थी लेकिन कोई नस्लवादी टिप्पणी नहीं की थी.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने हरभजन के ख़िलाफ लगाए गए नस्लवादी टिप्पणी के आरोप को हटाने का स्वागत किया है.
बीसीसीआई के अध्यक्ष शरद पवार ने ख़ुशी जताते हुए कहा, "जज ने सही फ़ैसला सुनाया है और बीसीसीआई शुरु से कह रहा था कि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप लगाना बोर्ड को स्वीकार नहीं हैं."
बीसीसीआई की धमकी
मंगलवार सुबह ऑस्ट्रेलिया से पत्रकार सुनंदन लेले ने बीबीसी को बताया था कि सचिन तेंदुलकर और हरभजन अच्छे 'मूड' में नज़र आ रहे थे.
सुनवाई शुरू होने से पहले नए सबूतों के रखे जाने के बारे में विवाद शुरू होने की अटकलें लगाई जा रही थीं.
ऐसा इसलिए क्योंकि बीसीसीआई ने कड़ा रुख़ अपनाते हुए कहा था कि वह इस मामले में किसी भी नए सबूत को मानने के लिए तैयार नहीं है.
बीसीसीआई के उपाध्यक्ष ललित मोदी ने सुनवाई से पहले मुबंई में कहा था, ''यदि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप वापस नहीं लिया गया तो भारतीय टीम त्रिकोणीय वनडे सिरीज़ से हट सकती है.''