सोमवार, 28 जनवरी, 2008 को 17:37 GMT तक के समाचार
सिडनी टेस्ट के दौरान भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह की ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्र्यू साइमंड्स पर कथित नस्लवादी टिप्पणी का मामला एक बार फिर तूल पकड़ रहा है.
मंगलवार को ऑस्ट्रेलिया में एडिलेड में इस मामले की सुनवाई शुरु हुई है.
दूसरे टेस्ट मैच के बाद हरभजन सिंह पर तीन टेस्ट मैचों का प्रतिबंध लगाया गया था. लेकिन हरभजन के इन आरोपों को ख़ारिज करने और भारत क्रिकेट बोर्ड के दौरा रद्द करने की धमकी के बाद, उस मामले में हरभजन की अपील सुनी जा रही है.
ऑस्ट्रेलिया से पत्रकार सुनंदन लेले ने बीबीसी को बताया है कि सुनवाई शुरु हो चुकी है और सचिन तेंदुलकर और हरभजन अच्छे 'मूड' में नज़र आए हैं. उनका अनुमान है कि इस मामले की सुनवाई मंगलवार दोपहर तक चल सकती है.
इस अपील पर आईसीसी की ओर से सुनवाई के लिए नियुक्त कमिश्नर जस्टिस जॉन हेंसन ने कहा है कि सुनवाई में स्टंप माइक्रोफ़ोन की रिकॉर्डिंग को भी सबूत के रूप पर रखा जा सकता है.
इससे पहले भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने कड़ा रुख़ अपनाते हुए कहा था कि वह इस मामले में किसी भी नए सबूत को मानने के लिए तैयार नहीं है.
जहाँ बीसीसीआई के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि अपील में नए सबूत नहीं लाए जा सकते वहीं स्थानीय पत्रकार मानते हैं कि सुनवाई में नए सबूत पेश किए जाएँगे.
माना जा रहा है कि अगर नए सबूत को लेकर विवाद गहराया और हरभजन पर लगा प्रतिबंध नहीं हटा तो भारत, ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका की त्रिकोणीय वनडे सिरीज़ ख़तरे में पड़ सकती है.
समाचार एजेंसियों के अनुसार बीसीसीआई के उपाध्यक्ष ललित मोदी ने सुनवाई से पहले मुबंई में कहा,'' यदि हरभजन के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी का आरोप वापस नहीं लिया गया तो भारतीय टीम त्रिकोणीय वनडे सिरीज़ से हट सकती है.''
सुनवाई
सोमवार को न्यूजीलैंड हाई कोर्ट के जज जस्टिस जॉन हेंसन ने सुनवाई की प्रक्रिया की जानकारी दी.
उन्होंने कहा, ''दो दिनों की सुनवाई के दौरान स्टंप माइक्रोफ़ोन की रिकॉर्डिंग जैसे कुछ अतिरिक्त सबूत स्वीकार किए जा सकते हैं.''
ग़ौरतलब है कि पहली सुनवाई के दौरान मैच रेफ़री माइक प्रॉक्टर के लिए ये सबूत उपलब्ध नहीं थे.
इस बार सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकील अपने पक्ष की बात रखेंगे.
जॉन हेंसन ने बताया है कि ये सुनवाई बंद कमरे में होगी और फ़ैसला पहले हरभजन, माइक प्रॉक्टर और आईसीसी प्रमुख मैल्कम स्पीड को लिखित रूप में उपल्ब्ध कराया जाएगा और उसके बाद इसे सार्वजनिक किया जाएगा.