गुरुवार, 17 जनवरी, 2008 को 09:44 GMT तक के समाचार
भारतीय लेग स्पिनर अनिल कुंबले टेस्ट क्रिकेट में छह सौ विकेट हासिल करने वाले दुनिया के तीसरे और भारत के पहले गेंदबाज़ बन गए हैं.
भारतीय फिरकी गेंदबाज़ ने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ पर्थ में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के दूसरे दिन एंड्र्यू साइमंड्स को चलता कर ये उपलब्धि हासिल की.
37 साल के हो चुके कुंबले को अपने करियर के आख़िरी पड़ाव में टेस्ट टीम की कप्तानी मिली है.
पूर्व कप्तान और मिस्टर भरोसेमंद राहुल द्रविड़ ने एक बार कुंबले को 'पिछले 15 वर्षों में भारत का सबसे महान क्रिकेटर' कहा था.
कुंबले के नाम टेस्ट क्रिकेट की एक पारी में विपक्षी खेमे के सभी दस विकेट उखाड़ने का रिकॉर्ड भी दर्ज है.
ये कारनामा उन्होंने वर्ष 1999 में दिल्ली के फ़िरोजशाह कोटला मैदान पर पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कर दिखाया था और इंग्लैंड के जिम लेकर की बराबरी की थी.
बड़ी उपलब्धि
अनिल कुंबले ने जैसे ही साइमंड्स को आउट कर नई उपलब्धि हासिल की, टीम के बाकी सदस्यों ने उन्हें बधाई दी और पर्थ टेस्ट का लुत्फ़ उठा रहे दर्शकों ने खड़े होकर उनका अभिवादन किया.
उस समय साइमंड्स के साथ बैटिंग कर रहे एडम गिलक्रिस्ट ने भी भारतीय कप्तान से हाथ मिलाकर उन्हें बधाई दी.
कुंबले के ऊपर श्रीलंका के ऑफ स्पिनर मुथैया मुरलीधरन और ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉर्न का स्थान आता है.
सबसे ज़्यादा विकेटों का रिकॉर्ड मुरली के नाम है जिन्होंने 723 टेस्ट विकेट अपने खाते में दर्ज कराए हैं.
शेन वॉर्न के नाम 708 विकेट हैं. फ़र्क ये है कि वॉर्न जहाँ संन्यास ले चुके हैं, वहीं मुरली और कुंबले अभी भी अपना जलवा दिखा रहे हैं.