ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच तीसरा टेस्ट बुधवार से पर्थ में शुरू होनेवाला है. इस टेस्ट में दोनों ही टीमें स्पिनरों की बजाए तेज़ गेंदबाज़ों को प्रमुखता दे सकती हैं.
ऑस्ट्रेलिया की टीम में चोटिल मैथ्यू हेडन के स्थान पर सलामी बल्लेबाज़ क्रिस रोजर्स और तेज़ गेंदबाज़ शॉन टेट को शामिल किया गया है.
ऑस्ट्रेलिया की टीम में जहां स्पिनर ब्रैड हॉग को शामिल नहीं किया गया है वहीं भारतीय टीम ने अभी यह तय नहीं किया है कि टीम में एक स्पिनर होगा या दो.
अगर एक स्पिनर की जगह होगी तो वो कप्तान अनिल कुंबले ही होंगे.
पिछले 17 वर्षों में ऐसा पहली बार होगा जब ऑस्ट्रेलिया की टीम में कोई स्पिनर नहीं होगा.
चार टेस्ट मैचों की श्रंखला में ऑस्ट्रेलिया 2-0 से आगे है.
पर्थ में जहां ऑस्ट्रेलिया लगातार 17वां टेस्ट जीतने की कोशिश करेगा वहीं भारत नस्लवादी टिप्पणियों और अंपायरिंग विवादों को पीछे छोड़कर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद से उतरेगा.
ऑस्ट्रेलिया की टीम में चार तेज़ गेंदबाज़ों को शामिल किए जाने की संभावना है क्योंकि टीम में शॉन टेट को शामिल किया गया है. टेट के अलावा टीम में ब्रेट ली, मिशेल जॉनसन और स्टुअर्ट क्लार्क भी शामिल हैं.
भारतीय टीम में तेज़ गेंदबाज़ी थोड़ी कमज़ोर दिखती है क्योंकि कुछ गेंदबाज़ चोटिल भी हैं.
वैसे इरफ़ान पठान और पंकज सिंह और वीआरवी सिंह को टीम में जगह मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.
पर्थ टेस्ट से पहले भारतीय टीम के कोच गैरी कर्स्टन का कहना था कि इतिहास में कभी भी पर्थ में किसी टीम ने दो स्पिनरों को नहीं खिलाया है लेकिन हरभजन टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ी हैं.
कैनबरा में अभ्यास मैच के बाद भारत की बल्लेबाज़ी क्रम में भी बदलाव की उम्मीद की जा रही है क्योंकि अभ्यास मैच में सहवाग ने शतक लगाया है और वसीम जाफर ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है.
जबकि युवराज सिंह का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है और ऐसी ख़बरें भी हैं कि सौरभ गांगुली बीमार हैं.