रविवार, 13 जनवरी, 2008 को 15:04 GMT तक के समाचार
नस्लभेदी टिप्पणी के मामले में एंड्रयू साइमंड्स ने एक नया बयान देकर मामले को नया मोड़ दे दिया है. साइमंड्स पर नस्लभेदी टिप्पणी के आरोप में हरभजन सिंह के ख़िलाफ़ तीन मैचों की पाबंदी लगाई गई है.
हालाँकि इस सज़ा के ख़िलाफ़ भज्जी ने अपील की है जिसपर सुनवाई होनी बाक़ी है. अब साइमंड्स का कहना है कि अगर उनके मित्र उन पर नस्लभेदी टिप्पणी करेंगे तो उन्हें कोई ऐतराज़ नहीं होगा लेकिन भज्जी उनके मित्र नहीं हैं.
ऑस्ट्रेलियाई अख़बार संडे हेराल्ड सन के साथ बातचीत में साइमंड्स ने कहा कि सिडनी टेस्ट के दौरान हरभजन सिंह ने सारी मर्यादाएँ तोड़ दी थी.
साइमंड्स और कप्तान रिकी पोंटिंग की शिकायत पर ही हरभजन सिंह के ख़िलाफ़ नस्लभेदी टिप्पणी के आरोप लगे थे. हालाँकि हरभजन सिहं का कहना है कि उन्होंने साइमंड्स पर ऐसी टिप्पणी नहीं की थी.
साइमंड्स का कहना है कि वे मज़ाक का बुरा नहीं मानते और मज़ाक में अगर उन पर नस्लभेदी टिप्पणी भी की जाती है तो वे हँसते हैं. लेकिन ऐसा सिर्फ़ उनके मित्र कर सकते हैं और भज्जी उनके मित्र नहीं हैं.
साइमंड्स ने कहा, "वे विपक्षी खिलाड़ी, जिन्हें मैं अच्छी तरह जानता हूँ और जो मेरे साथ ऐसा मज़ाक करना चाहते हैं, उनकी बात मुझे परेशान नहीं करती. लेकिन सिडनी में जो हुआ, उसे मैं और मेरे साथी खिलाड़ियों ने पसंद नहीं किया और उसे गंभीरता से लिया."
साइमंड्स ने यह भी स्पष्ट किया कि लोगों को इस बारे में जानकारी नहीं है कि ऐसी घटना कब से हो रही थी, लोगों को तो बस इसमें रुचि थी कि इस बार क्या हुआ.
सिडनी टेस्ट के दौरान ख़राब अंपायरिंग और फिर हरभजन सिंह पर लगे नस्लभेदी टिप्पणी के आरोपों के कारण एक बार तो भारत का ऑस्ट्रेलिया दौरा संकट में दिखने लगा था.
लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने विवादित अंपायर स्टीव बकनर को पर्थ टेस्ट से हटाकर मामला शांत करने की कोशिश की. इसके बाद ही भारतीय टीम अभ्यास मैच के लिए कैनबरा रवाना हुई.
वैसे तीन टेस्ट मैचों की पाबंदी के ख़िलाफ़ अपील पर अभी सुनवाई नहीं हुई है. हालाँकि आईसीसी ने न्यूज़ीलैंड के एक जज को सुनवाई के लिए नियुक्त कर दिया है.