मंगलवार, 08 जनवरी, 2008 को 14:25 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए भारतीय क्रिकेट टीम के मीडिया मैनेजर चेतन चौहान ने मेहमान टीम के खिलाड़ी ब्रैड हॉग पर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद की आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है जिसकी सुनवाई की व्यवस्था की जा रही है.
ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर ब्रैड हॉग पर आचार संहिता के तीसरी श्रेणी का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है जिसकी सुनवाई भी उसी तरह होनी है जैसी कि भारतीय खिलाड़ी हरभजन सिंह के ख़िलाफ़ हुई.
आचार संहिता की इस श्रेणी के तहत किसी टीम अगर कोई खिलाड़ी या अधिकारी नस्लवादी टिप्पणी करता है या कोई हरकत दिखाता है तो उसे बड़ी गंभीरता से लिया जाएगा.
इस नियम के तहत लगे आरोपों के तहत अगर कोई खिलाड़ी या अधिकारी दोषी पाया जाता है तो उस पर दो से चार टेस्ट मैचों या चार से आठ एक दिवसीय मैचों तक का प्रतिबंध लग सकता है.
ब्रैड हॉग पर आरोप है कि उन्होंने सिडनी में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान भारतीय कप्तान अनिल कुंबले और उपकप्तान महेंद्र सिंह धोनी के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.
ब्रैड हॉग पर लगे आरोपों की सुनवाई आचार संहिता के नियम और शर्तों के तहत अब आईसीसी के मैच रैफ़री माइक प्रोक्टर करेंगे और यह यथाशीघ्र होगी.
सुनवाई के लिए शुरूआती तारीख़ 14 जनवरी घोषित की गई है और सुनवाई पर्थ में होगी.
ग़ौरतलब है कि भारतीय खिलाड़ी हरभजन सिंह पर भी इसी तरह का आरोप है कि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी की थी.
उधर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने स्पष्ट किया है कि 'हरभजन पर तीन मैचों के लिए पाबंदी अनुचित है और उसे यह स्वीकार नहीं है.'
बीसीसीई ने मंगलवार को घोषणा की कि वह पाबंदी लगाने के मैच रैफ़री के फ़ैसले के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से अपील कर रहा है.