मंगलवार, 08 जनवरी, 2008 को 02:24 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया से प्राप्त रिपोर्टों में कहा गया है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने कहा है कि नस्लभेद के आरोपों के मामले को अगर 24 घंटे के भीतर नहीं सुलझा लिया गया तो भारतीय टीम दौरा रद्द कर सकती है.
बीसीसीआई ने मंगलवार को अपनी कार्यसमिति की भी बैठक दिल्ली में बुलाई है जिसमें आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा.
बीसीसीआई ने हरभजन सिंह पर नस्लभेदी टिप्पणी के कारण तीन टेस्ट मैचों के प्रतिबंध के फ़ैसले के विरूद्ध अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी को अपील भेजी है.
बीसीसीआई को मंगलवार को आईसीसी से जवाब की उम्मीद है.
बोर्ड के अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि टीम को अगला निर्देश मिलने तक सिडनी में ही रहने के लिए कहा गया है.
बीसीसीआई की मुख्य रुप से दो माँगें हैं. एक तो यह कि कथित नस्लभेदी टिप्पणी के लिए हरभजन सिंह पर की गई कार्रवाई को अंतिम फ़ैसले तक स्थगित रखा जाए.
बीसीसीआई का कहना है कि हरभजन सिंह पर पाबंदी ग़लत ढंग से लगाई गई है और यह फ़ैसला एकतरफ़ा है.
और दूसरा यह कि दूसरे टेस्ट मैच में विवादित फ़ैसले देने वाले अंपायर बकनर को तीसरे टेस्ट मैच से हटा लिया जाए.
दौरा अटका
बीसीसीआई ने एक बयान में कहा है कि हरभजन पर पाबंदी के मामले में अपील की कार्रवाई पूरी होने तक टीम सिडनी में ही रुकी रहेगी.
सोमवार की भारतीय क्रिकेट टीम को अगले टेस्ट मैच के लिए कैनबरा रवाना होना था.
हरभजन सिंह पर यह आरोप लगा था कि उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्रयू साइमंड्स के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणी की है.
इसके बाद हरभजन सिंह पर तीन टेस्ट मैचों के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था.
हालांकि हरभजन सिंह का कहना है कि उनपर लगा यह आरोप ग़लत है और उन्होंने कोई नस्लवादी टिप्पणी नहीं की.
बीसीसीआई अध्यक्ष शरद पवार ने सोमवार को इस संबंध में दिल्ली में एक बैठक बुलाई थी.
बैठक के बाद बीसीसीई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने कहा था कि बीसीसीआई अंतरराष्ट्रीय खेल परिषद से अनुरोध करेगा कि जब तक इस अपील पर फ़ैसला नहीं हो जाता तब तक हरभजन पर पाबंदी संबंधी आदेश रोक दिया जाए.
साथ ही दोनों अंपायरों स्टीव बकनर और मार्क बेन्सन को भारतीय मैचों के दौरान अंपायरिंग की ज़िम्मेदारी न सौंपी जाए.
सिडनी में बीबीसी के संवाददाता निक ब्रायंट का कहना है कि आईसीसी के सामने दो ऐसी टीमों का विवाद है जो दो अलग-अलग मामलों में दुनिया की नंबर वन टीमें हैं.
ऑस्ट्रेलियाई टीम के पास उनका अपना अच्छा खेल है तो भारतीय टीम के पास अथाह पैसा है.
आंकड़े बताते हैं कि आईसीसी को होने वाली आय का 70 प्रतिशत भारत में खेले जाने वाले क्रिकेट के कारण आता है और ख़ुद बीसीसीआई दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड है.