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रविवार, 06 जनवरी, 2008 को 12:33 GMT तक के समाचार

अंपायरों पर कार्रवाई की मांग

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अधिकारियों ने सिडनी टेस्ट में ख़राब अंपायरिंग की आधिकारिक शिकायत करने का फ़ैसला किया है.

बीसीसीआई ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से अपील की है कि वह अंपायर स्टीव बकनर और मार्क बेन्सन से सिरीज़ के बाक़ी मैचों में अंपायरिंग न कराए.

सिडनी टेस्ट मैच के दौरान अंपायरिंग की कड़ी आलोचना हो रही है. भारतीय टीम प्रबंधन इससे नाराज़ है कि अंपायरों के कई ग़लत फ़ैसलों के कारण टीम को नुक़सान हुआ.

ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टेस्ट मैच में भारत को 122 रनों से मात दी. भारत को दूसरी पारी में जीत के लिए 333 रनों का लक्ष्य मिला था लेकिन पूरी टीम 210 रन बनाकर आउट हो गई.

इस हार के साथ भारतीय टीम चार टेस्ट मैचों की सिरीज़ में 2-0 से पिछड़ गई है. गावसकर-बॉर्डर ट्रॉफ़ी पर एक बार फिर ऑस्ट्रेलिया ने क़ब्ज़ा कर लिया है.

लेकिन सिडनी टेस्ट रोमांचक मैच की जगह ख़राब अंपायरिंग और हरभजन सिंह पर लगे नस्लभेदी टिप्पणी के आरोप कारण ज़्यादा चर्चा में है.

ग़लत फ़ैसले

सिडनी टेस्ट की पहली पारी में एंड्रयू साइमंड्स को आउट न दिए जाने के साथ-साथ दूसरी पारी में राहुल द्रविड़ और सौरभ गांगुली को आउट दिए जाने के अंपायरों के फ़ैसले पर सवाल उठ रहे हैं.

मैच के बाद भारतीय टीम के मैनेजर चेतन चौहान ने बताया कि अंपायरिंग के ख़िलाफ़ आधिकारिक शिकायत की जाएगी.

उन्होंने कहा, "बीसीसीआई अधिकारियों ने मुझे सूचित किया है कि वे आईसीसी के पास अंपायरिंग के ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराने जा रहे हैं. ताकि बाक़ी की सिरीज़ में इन अयोग्य अंपायरों से अंपायरिंग न कराई जाए."

सिडनी टेस्ट ख़राब अंपायरिंग के कारण चर्चा में है. टेस्ट के पहले दिन एक समय ऑस्ट्रेलिया की टीम मुश्किल में थी. लेकिन ऑलराउंडर एंड्रयू साइमंड्स को दो बार आउट नहीं दिया गया जबकि री-प्ले से पता चला कि वे आउट थे.

एंड्रयू साइमंड्स ने ना सिर्फ़ शतक लगाया बल्कि अपनी टीम को मुश्किल से भी निकाला. उन्होंने पहली पारी में नाबाद 162 रन बनाए. यही नहीं भारतीय टीम जब दूसरी पारी में संकट से उबर रही थी, उस समय राहुल द्रविड़ को ग़लत आउट दे दिया गया.

फ़ैसले से नुक़सान

सौरभ गांगुली ज़बरदस्त फ़ॉर्म में थे लेकिन अंपायर का फ़ैसला भी उनके ख़िलाफ़ गया. जबकि ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में माइकल हसी को भी दो बार आउट नहीं दिया गया. बाद में हसी ने शतक लगाया और ऑस्ट्रेलिया ने अहम बढ़त हासिल की.

कोई भी भारतीय खिलाड़ी ने अभी तक खुल कर अंपायरिंग के बारे में सार्वजनिक रूप से बयान नहीं दिया है.

लेकिन टीम मैनेजर चेतन चौहान ने कहा कि भारतीय टीम अपने को ठगा हुआ महसूस कर रही है. उन्होंने कहा, "मैं टीम की भावना के बारे में कहना चाहता हूँ कि खिलाड़ी इससे हताश हैं और नाराज़ भी. मैच के दौरान कई फ़ैसले हमारे ख़िलाफ़ गए. ये सच है कि कुछ फ़ैसले ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ भी गए लेकिन ग़लत फ़ैसलों से नुक़सान हमें हुआ. अगर ऐसे फ़ैसले नहीं होते तो मैच का नतीजा कुछ और होता."

चेतन चौहान ने यह भी स्पष्ट किया कि वे ऐसा इसलिए नहीं कह रहे क्योंकि भारत मैच हार गया है. दूसरी ओर जीत से गदगद नज़र आ रहे ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग ने कहा कि अंपायरों की आलोचना करना ठीक नहीं.

पोंटिंग ने कहा कि अंपायर भी इंसान होते हैं और वे मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करते हैं. उन्होंने स्वीकार किया कि अंपायरों ने कुछ ग़लती की लेकिन पोंटिंग का कहना था कि क्रिकेट में कभी-कभी ऐसा होता है.