बुधवार, 02 जनवरी, 2008 को 23:58 GMT तक के समाचार
सिडनी टेस्ट में भारत ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी के 463 रनों के जवाब में दूसरे दिन का खेल ख़त्म होने तक तीन विकेट पर 216 रन बना लिए हैं.
स्टंप के समय सचिन तेंदुलकर नौ और सौरभ गांगुली 21 रन बनाकर खेल रहे थे.
जाफ़र का विकेट सस्ते में गँवाने के बाद पारी को मज़बूती देने में लक्ष्मण का अहम योगदान रहा जिन्होंने इस मैदान पर तीसरा शतक जमाया.
सिडनी के मैदान पर वीवीस लक्ष्मण ने पिछले दौरे पर जिस तरह का प्रदर्शन किया था, उससे लगा मानों उन्होंने वहीं से पारी की शुरुआत की.
उन्होंने कलाई का इस्तेमाल करते हुए कुछ खूबसूरत चौके लगाए लेकिन 109 रनों के निजी स्कोर पर ब्रैड हॉग ने उन्हें लपकवा दिया.
दूसरी ओर राहुल द्रविड़ ने एक छोड़ संभाले रखा. हालाँकि कई बार वो संघर्ष करते नज़र आए और 160 गेंदों का सामना कर 53 रन बनाने के बाद मिशेल जॉनसन ने उन्हें आउट किया.
इससे पहले वसीम जाफ़र एक बार फिर विफल रहे और ब्रेट ली की यॉर्कर लेंथ की गेंद उनका ऑफ़ स्टंप ले उड़ी. उन्होंने सिर्फ़ तीन रन बनाए.
ऑस्ट्रेलियाई पारी
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने एंड्र्यू साइमंड्स के नाबाद शतक की बदौलत सिडनी टेस्ट की पहली पारी में 463 रन बनाए.
दो बार जीवनदान मिलने के बाद एंड्र्यू साइमंड्स ने भारत को कोई तीसरा मौका नहीं दिया और वो 162 रन बनाकर नाबाद रहे.
134/6 के बाद हॉग ने जिस अंदाज़ में साइमंड्स के साथ बैटिंग की उसे आज ब्रेट ली ने आगे बढ़ाया.
ली 59 रन बनाकर कुंबले के शिकार बने. इसके बाद मिशेल जॉनसन ने भी जम कर हाथ आज़माए और 28 रन बनाने के बाद कुंबले की गेंद पर लपके गए.
अंतिम विकेट के लिए स्टुअर्ट क्लार्क ने साइमंड्स का साथ नहीं दिया और वो बिना खाता खोले चलता बने.
पहला दिन
पहले दिन ऑस्ट्रेलियाई टीम ने साइमंड्स की शानदार शतकीय पारी की बदौलत सात विकेट पर 376 रन बनाए थे.
भारत एक बार फिर शुरुआती सफलताओं को भुनाने में नाकाम रहा.
लंच के बाद एक समय ऑस्ट्रेलिया के छह विकेट 134 रनों पर गिर चुके थे लेकिन उसके बाद भारतीय गेंदबाज़ केवल एक विकेट निकाल पाए.
सारा श्रेय ब्रैड हॉग और एंड्रयू साइमंड्स को जाता है जिन्होंने सातवें विकेट के लिए 153 रन ठोक कर भारतीय मंसूबों को झटका पहुँचाया.
हॉग ने उम्दा शॉट लगाए और तेज़ 79 रन बनाने के बाद कुंबले के शिकार बने लेकिन साइमंड्स ने रनों की झड़ी लगा दी.
उन्हें अंपायरों के दो विवादास्पद फ़ैसलों का भी सहारा मिला.
टीवी रिप्ले से साफ़ था कि ईशांत शर्मा की गेंद उनके बल्ले का बाहरी सिरा लेती हुई विकेटकीपर के दस्तानों में जा घुसी लेकिन भारतीय खिलाड़ियों की ज़ोरदार अपील का अंपायरों पर कोई असर नहीं पड़ा.