शुक्रवार, 30 नवंबर, 2007 को 14:31 GMT तक के समाचार
तीस सालों के बाद पहली बार कोई निजी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट लीग भारत में शुरू हो रहा है.
हरियाणा के पंचकुला शहर में शुक्रवार को शुरू हुए इस 20-20 टूर्नामेंट को एस्सेल समूह की इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) आयोजित कर रही है.
आईसीएल ने देश-विदेश के कई खिलाड़ियों से सीमित ओवरों वाले इस टूर्नामेंट के लिए अनुबंध किया है.
पहले मैच में न्यूज़ीलैंड के क्रिस केयर्न्स की अगुवाई वाली चंडीगढ़ लायंस की टीम श्रीलंका के मार्वन अटापट्टू के नेतृत्व वाली दिल्ली जेट की टीम से भिड़ेगी.
पहला मैच दिन-रात का होगा. 17 दिनों तक चलने वाले इस टूर्नामेंट में छह टीमें भाग ले रही हैं.
चंडीगढ़ और दिल्ली की टीमों के अलावा चेन्नई सुपरस्टारर्स, हैदराबाद हीरोज़, कोलकाता टाईगर्स और मुंबई चैंप्स नाम से चार और टीमें इसमें हिस्सा ले रही हैं.
मैदान के बाहर भिड़ंत
एक तरफ़ क्रिकेट को नियंत्रित करने वाली संस्था अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने आईसीएल के टूर्नामेंट को मान्यता देने से इनकार कर दिया है.
वहीं भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने आईसीएल के इस आयोजन को बाग़ियों का टूर्नामेंट करार दिया है.
बीसीसीआई ने तो आईसीएल के टूर्नामेंट में खेलने वाले भारतीय खिलाड़ियों को लंबे समय तक प्रतिबंध झेलने की धमकी भी दे दी है.
दूसरे देशों की क्रिकेट नियंत्रक संस्थाएँ भी अपने खिलाड़ियों को आईसीएल के मैचों में हिस्सा न लेने की चेतावनी दे रही हैं.
बीसीसीआई ने भी आईसीएल के ज़वाब में अप्रैल में इंडियन प्रोफ़ेशनल लीग यानी आईपीएल शुरू करने की घोषणा की है. इससे ऑस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग और श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन जुड़े हैं.
'गंभीर क्रिकेट'
ढ़ाई करोड़ अमरीकी डॉलर के ईनाम वाले इस टूर्नामेंट की कमान पूर्व भारतीय कप्तान कपिलदेव सँभाल रहे हैं.
टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले आईसीएल के चेयरमैन कपिलदेव ने कहा, "निश्चित रूप से यह पेशेवर और गंभीर क्रिकेट होगी."
कोलकाता टाईगर्स टीम के कोच दक्षिण अफ़्रीका के पूर्व बल्लेबाज़ डेरिल कलिनन ने बीबीसी से कहा, "मुझे भरोसा है कि आईसीएल खेल और खिलाड़ियों के लिए अच्छा है."
कलिनन ने कहा, "एक बात मेरे लिए साफ़ है कि उन्होंने मुझे एक नए पेशेवर दुनिया में काम का मौका दिया है जो आपको राज्य या प्रांतीय स्तर पर नहीं मिलता. ऐसा ज़्यादातर दूसरे देशों में भी नहीं मिलेगा."
पैसा और ग्लैमर
भारत में क्रिकेट को एक खेल से कहीं ज़्यादा ऊँचा दर्जा मिला हुआ है. इसके पीछे लोगों की दीवानगी को भारतीय टीम की हार और जीत पर उनकी प्रतिक्रिया से महसूस किया जा सकता है.
क्रिकेट का खेल भारत में हर साल करोड़ों रुपए के कारोबार का ज़रिया है. अनुमान है कि इसे देखने वालों की संख्या यहाँ एक अरब से भी ज़्यादा है.
भारतीय अमीरों में एक मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा ने पिछले दिनों आईसीएल की शुरुआत और निजी तौर पर 20-20 टूर्नामेंट आयोजित करने की घोषणा की थी.
वेस्टइंडीज़ के बल्लेबाज़ ब्रायन लारा और पाकिस्तानी टीम के पूर्व कप्तान इंज़माम उल हक़ जैसे विश्व क्रिकेट के कुछ बेहतरीन खिलाड़ी आईसीएल से जुड़े हैं.
भारत के भी कई युवा खिलाड़ी भी इसके साथ हो गए हैं. हालाँकि हर कोई इस पहल से खुश नहीं है.
तीस साल पहले 1977 में ऑस्ट्रेलियाई व्यापारी कैरी पैकर ने इसी तरह की एक क्रिकेट लीग शुरू की थी. हालाँकि यह मात्र दो साल ही चल पाई लेकिन इसने पेशेवर मानकों पर विश्व क्रिकेट को व्यापक रूप से बदल दिया.