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गुरुवार, 29 नवंबर, 2007 को 08:00 GMT तक के समाचार

वूल्मर की मौत की जाँच बेनतीजा

जमैका में जाँचकर्ता ये बता पाने में विफल हो गए हैं कि पाकिस्तान क्रिकेट टीम के पूर्व कोच बॉब वूल्मर की मौत कैसे हुई थी.

मामले की जाँच कर रही जूरी यह नहीं तय कर पाई कि वूल्मर की मौत कैसे हुई.

विश्व कप से पाकिस्तानी टीम के शुरुआती दौर में ही बाहर हो जाने के बाद 58 वर्षीय वूल्मर होटल के अपने कमरे से अचेत हालत में मिले थे. बाद में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया था.

उम्मीद की जा रही थी कि अनुसंधान से कोई निष्कर्ष निकलेगा लेकिन पाँच सप्ताह तक चली गवाही के बाद 11 सदस्यीय जूरी ने कोई फ़ैसला नहीं सुनाया.

जूरी को कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिल सका जिसके आधार पर यह कहा जा सके कि वूल्मर की मौत हत्या थी या उनकी मौत प्राकृतिक थी.

जाँचकर्ताओं की जूरी के प्रमुख पैट्रिक मर्फ़ी ने कहा कि मौत के कारणों पर अब जमैका के मुख्य अभियोजक ही निर्णय लेंगे.

मर्फ़ी ने यह भी कहा कि इस मामले में अब कोई और जाँच संभव नहीं है.

मर्फ़ी ने जूरी से कहा, "आपने अपना काम कर दिया है. आपका बहुत-बहुत धन्यवाद. अब जाँच पूरी हो चुकी है और आप इससे अलग हो सकते हैं."

शक का बड़ा दायरा

वूल्मर का शव मिलने के कुछ ही दिनों बाद जमैका के डिप्टी पुलिस कमिश्नर मार्क शील्ड्स ने कहा था कि वे इस मामले की जाँच हत्या मान कर कर रहे हैं.

आशंका व्यक्त की गई थी कि पाकिस्तान की हार से गुस्साए किसी प्रशंसक या सट्टेबाज़ों के गिरोह ने वूल्मर की हत्या कर दी. इस मामले में पाकिस्तानी टीम के खिलाड़ियों पर भी उंगलियाँ उठी थीं.

स्वदेश वापसी से पहले पाकिस्तानी टीम के हरेक सदस्य के हाथों के निशान लिए गए थे लेकिन जाँच में खिलाड़ी, मैच अधिकारियों या टीम प्रबंधन के ख़िलाफ़ कोई सबूत नहीं मिला.

जमैका पुलिस ने जून में गला दबाकर वूल्मर की हत्या वाली रिपोर्ट को ख़ारिज करने वाली तीन पैथोलॉजिस्टों की रिपोर्ट को मंज़ूर कर लिया था.