बुधवार, 14 नवंबर, 2007 को 08:37 GMT तक के समाचार
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच ग्रेग चैपल का कहना है कि उड़ीसा में उन पर हुआ हमला नस्लभेद का नतीजा था और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने इस मामले को दबाने की कोशिश की थी.
ऑस्ट्रेलियाई अख़बार 'ऑस्ट्रेलियन' ने इस आशय की रिपोर्ट प्रकाशित की है जबकि उन्होंने एबीसी टेलीविजन पर 22 नवंबर को प्रसारित होने वाली एक डॉक्यूमेंट्री में भी ऐसे आरोप लगाए हैं.
चैपल ने भारतीय टीम के कोच के रूप में गुज़ारे दो वर्षों पर बनी डॉक्यूमेंट्री में भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर हुई इस घटना को नस्लभेद से प्ररेत घटना बताया है.
शिकायत
भारतीय टीम इस साल की शुरुआत में वेस्टइंडीज के ख़िलाफ़ वनडे मैच खेलने के लिए भुवनेश्वर हवाई अड्डे पहुँची थी और तभी एक व्यक्ति ने चैपल के साथ धक्कामुक्की की थी.
चैपल ने तब बताया था, "मेरे सिर के नीचे ज़ोरदार प्रहार हुआ और मुझे लगा जैसे मेरा जबड़ा टूट गया हो."
हालाँकि उस वक़्त ये कहा गया था कि चूँकि टीम में उड़ीसा का प्रतिनिधित्व नहीं था, हो सकता है कि इस कारण से हमला करने वाला क्रिकेटप्रेमी नाराज़ था और उसने ऐसा किया.
समाचार माध्यमों के अनुसार चैपल का कहना था, "भारतीय नस्लभेद की शिकायत में बहुत आगे रहते हैं. लेकिन उस व्यक्ति ने सिर्फ़ मुझ पर हमला किया, जबकि वह वहाँ मौजूद कई भारतीय क्रिकेटरों को भी निशाना बना सकता था."
क्रिकेट टीम के पूर्व कोच चैपल ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि हमलावर उड़ीसा के किसी खिलाड़ी के टीम में नहीं होने से ख़फ़ा था.
चैपल ने कहा कि उन्होंने जब इस मामले की शिकायत बीसीसीआई से की तो उसने कुछ कार्रवाई करने की बजाय इस मामले को रफ़ा-दफ़ा कर दिया.
चैपल ने कहा, "मैने बीसीसीआई को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या हमला किसी खिलाड़ी पर हुआ होता तो भी बोर्ड इसी तरह चुपचाप बैठता. लेकिन क्योंकि निशाना मुझे बनाया गया था, इसलिए किसी ने परवाह नहीं की."
पूर्व कोच ने कहा, "इस पूरे घटनाक्रम पर मुझे बीसीसीआई की तरफ़ से एक फ़ोन आया. इसमें मुझसे पूछा गया था कि क्या वाकई मेरे साथ ये घटना हुई है. मैने लगभग तभी तय कर लिया था कि बीसीसीआई के साथ अपना अनुबंध आगे नहीं बढाऊँगा."
चार महीने बाद विश्व कप में भारत के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद चैपल ने कोच पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.
बोर्ड की सफ़ाई
इस बीच, बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह ने चैपल के नस्लभेद के आरोपों को खंडन किया है.
शाह ने एक अंग्रेजी वेबसाइट से कहा, "इसे किसी भी तरह नस्लभेद नहीं कहा जा सकता."
उन्होंने कहा, "हमने इस मसले को वैसे ही लिया, जैसा कि किसी और भारतीय खिलाड़ी के साथ घटना होने पर लिया होता. मुझे याद है मैने फ़ोन पर चैपल से मामले की जानकारी ली थी और स्थानीय पुलिस अधिकारियों की मदद से उनकी सुरक्षा बढ़ाई थी."