बुधवार, 31 अक्तूबर, 2007 को 19:42 GMT तक के समाचार
वेस्ट इंडीज़ के क्रिकेट बोर्ड ने कहा है कि टीम के बल्लेबाज़ मर्लोन सैमुएल्स और एक भारतीय सट्टेबाज़ की कथित सांठगांठ की जाँच की जाएगी.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के भ्रष्टाचार निरोधक विभाग ने सुझाव दिया था कि इस मामले में गहराई से जाँच की जानी चाहिए.
आईसीसी ने वेस्ट इंडीज़ बोर्ड (ड्ब्लूआईसीबी) से कहा है कि वह इस मामले की जाँच करके 31 जनवरी 2008 तक अपनी रिपोर्ट पेश करे.
सैमुएल्स पर आरोप है कि जब वेस्ट इंडीज़ की टीम भारत के दौरे पर थी तब उन्होंने एक भारतीय सट्टेबाज़ को टीम के बारे में जानकारियाँ दी थीं.
आईसीसी का कहना है कि खिलाड़ियों के तय मानदंडों की दो शर्तों का उल्लंघन हुआ है या नहीं, इसकी जाँच की जाएगी.
पहली जाँच इस बात की होगी कि क्या सैमुएल्स ने इस जानकारी के बदले, धन या किसी और सूरत में कोई लाभ तो नहीं लिया.
अगर सैमुएल्स दोषी पाए गए तो कम से कम दो साल के लिए उनके क्रिकेट खेलने पर रोक लगा दी जाएगी और अगर अधिकतम सज़ा तो जीवन भर के लिए पाबंदी तथा असीमित जुर्माना है.
दूसरा मानदंड ये है कि क्या खिलाड़ी ने क्रिकेट के खेल को नुक़सान पहुँचाया है, अगर उन्हें इस मामले में दोषी पाया गया तो एक साल से लेकर पाँच साल तक के प्रतिबंध की सज़ा हो सकती है.
सैमुएल्स का कहना है कि इस मामले में वे बेकसूर हैं लेकिन बताया जाता है कि 21 जनवरी को नागपुर में खेले जाने वाले पहले वनडे से पहले उन्होंने सट्टेबाज़ से फोन पर बात की थी जिसे रिकॉर्ड कर लिया गया है.
इन आरोपों के बावजूद 26 वर्षीय सैमुएल्स को वर्ल्ड कप में खेलने का मौक़ा दिया गया था और वे इंग्लैंड के दौरे पर भी गए थे.