रविवार, 14 अक्तूबर, 2007 को 14:24 GMT तक के समाचार
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद यानी आईसीसी ने हाल के मैचों में हुई कथित नस्लभेदी टिप्पणी के बारे में भारत और पाकिस्तान के क्रिकेट बोर्डों से स्पष्टीकरण मांगा है.
पहली घटना वडोदरा की है. कहा जा रहा है कि यहाँ भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वनडे मैच के दौरान एंड्रयू साइमंड्स पर नस्लभेदी टिप्पणी की गई.
जबकि दूसरी घटना लाहौर की है. यहाँ पाकिस्तान और दक्षिण अफ़्रीका के बीच दूसरा टेस्ट हुआ था. आरोप है कि इस टेस्ट मैच के दौरान दक्षिण अफ़्रीका के खिलाड़ियों और अधिकारियों पर नस्लभेदी टिप्पणी की गई.
आईसीसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैल्कम स्पीड ने कहा है कि नस्लभेदी टिप्पणी का मामला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि दोनों देशों के क्रिकेट बोर्डों से इस बारे में स्पष्टीकरण मांगा गया है.
बयान
एक बयान में मैल्कम स्पीड ने कहा, "हमने उन मीडिया रिपोर्टों को गंभीरता से लिया है जिसमें कहा गया है कि ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाड़ियों पर नस्लभेदी टिप्पणियाँ की गई हैं. हमने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड से घटना के बारे में जानकारी मांगी है."
वडोदरा वनडे के बाद ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी एंड्रयू साइमंड्स ने कहा था कि सीमा रेखा के पास फ़ील्डिंग करते समय दर्शकों के एक वर्ग ने उन पर नस्लभेदी टिप्पणी की थी.
लेकिन बड़ौदा क्रिकेट एसोसिएशन औऱ स्थानीय पुलिस ने इससे इनकार किया है. वडोदरा के पुलिस आयुक्त पीसी ठाकुर ने बताया कि दर्शक गणपति बप्पा मोरया के नारे लगा रहे थे और हो सकता है कि इस कारण ग़लतफ़हमी हो गई हो.
हालाँकि ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी के पास इस बारे में कोई शिकायत नहीं की है. बोर्ड ने यह मामला बीसीसीआई पर छोड़ दिया है. क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया का कहना है कि आईसीसी भी इस मामले में स्थानीय बोर्ड की ओर से कार्रवाई की बात करता है.
मैल्कम स्पीड ने अपने बयान में कहा है कि दुबई में होने वाली आईसीसी की अगली बैठक में इस बारे में चर्चा की जाएगी कि क्या नस्लभेद के मामलों से ठीक तरह से निपटा जा रहा है या नहीं.
शनिवार को ऑस्ट्रेलिया के कप्तान रिकी पोंटिंग ने भी कहा था कि ऐसे मामलों को बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए.