रविवार, 14 अक्तूबर, 2007 को 20:55 GMT तक के समाचार
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का कहना है कि अहम मौक़ों पर विकेट गंवाने के कारण टीम को नागपुर वनडे में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार झेलनी पड़ी.
धोनी का कहना था,'' हमने अहम मौक़ों पर विकेट गंवाए. पहले सचिन और फिर सौरभ अहम मौक़ों पर आउट हो गए. साथ ही आख़िर के ओवरों में ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज़ों ने हमारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया.''
ऑस्ट्रेलिया ने भारत के ख़िलाफ़ छठा वन डे जीत कर 4-1 की बढ़त हासिल कर ली है और सिरीज़ पर कब्ज़ा कर लिया है.
धोनी का कहना था,'' हमारे गेंदबाज़ और बल्लेबाज़ पूरी सिरीज़ में एक साथ अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रहे. कभी केवल हमारे गेंदबाज़ चले तो कभी बस बल्लेबाज़. केवल चंडीगढ़ में चौथे वन डे मैच में हमारे गेंदबाज़ और बल्लेबाज़ दोनों अच्छा खेले. ''
अच्छे प्रदर्शन की कमी
भारतीय कप्तान का कहना था कि एंड्रयू साइमंड्स के दो कैच छोड़ना हमें बहुत महंगा पड़ा. हमें जब ज़रूरत थी तब हम ऑस्ट्रेलिया के विकेट नहीं ले पाए.
उनका कहना था कि सचिन तेंदुलकर और सौरभ गांगुली की सलामी जोड़ी ने 140 रन जोड़ कर हमें अच्छी शुरुआत दी. इसके बाद जब हमें वाकई बढ़िया भागीदारी की ज़रूरत थी, लेकिन तब हमने विकेट गंवाए.
रॉबिन उथप्पा जब क्रीज पर उतरे तब तक हमें 10 रन प्रति ओवर चाहिए थे जो आसान नहीं था.
धोनी ने फॉर्म में नहीं चल रहे पूर्व कप्तान राहुल द्रविड़ का भी बचाव किया.
धोनी ने कहा, '' द्रविड़ जिस दौर से गुजर रहे हैं उससे हर खिलाड़ी अपने करियर में गुजरता है.''
राहुल द्रविड़ को बल्लेबाज़ी के लिए चौथे नंबर पर भेजा गया, तब भारत को तेज़ी से रन बनाने की ज़रूरत थी. लेकिन द्रविड़ केवल 13 गेंद पर केवल सात रन ही बना पाए.
महेंद्र सिंह धोनी ने कहा, '' अंतिम ओवरों में ढीली गेंदबाज़ी अब भी टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है. ऑस्ट्रेलिया को हराने के लिए हमें अपने प्रदर्शन में सुधार करना होगा.''