शुक्रवार, 12 अक्तूबर, 2007 को 19:45 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड का दावा है कि वडोदरा वनडे मैच में दर्शकों ने आलराउंडर ऐंड्रू साइमंड्स के ख़िलाफ़ नस्लवादी टिप्पणियां की थीं.
ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों का कहना है कि साइमंड्स जब भारतीय पारी के दौरान सीमा रेखा के पास फील्डिंग कर रहे थे तब कुछ दर्शकों ने '' बंदरों जैसी आवाज़ें निकालकर उन्हें चिढ़ाने की कोशिश की.''
ऑस्ट्रेलियाई प्रवक्ता फिलिप पोप का कहना था,'' ऐंड्रू साइमंड्स ने इन आवाज़ों को सुना.''
उनका कहना था,'' खिलाड़ियों ने ड्रेसिंग रूम में इस पर चर्चा की. हम किसी कार्रवाई करने को नहीं कह रहे हैं, ये स्थानीय अधिकारियों पर है कि वे इससे कैसे निबटते हैं.''
ऑस्ट्रेलिया इस सीरिज़ में 3-1 से आगे हैं और वो इस घटना को ज्यादा तूल देते नज़र नहीं आ रहे हैं.
कड़े नियम
दूसरी ओर भारतीय टीम मैनेजर लालचंद राजपूत ने ऑस्ट्रेलियाई एसोसिएटेड प्रेस से बातचीत में कहा,'' ये नहीं होना चाहिए.''
उनका कहना था,'' लोग खेल देखने आते हैं और ऐसे व्यवहार से खेल ख़राब होता है.''
लालचंद राजपूत का कहना था,'' समस्या भीड़ को नियंत्रित करने की है और कुछ स्थानों पर कुछ समस्या हो सकती है.''
उनका कहना था कि इससे भारतीय खिलाड़ी भी प्रभावित हो सकते हैं.
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कांउसिल ने दर्शकों की नस्लभेदी टिप्पणियों पर कार्रवाई को प्राथमिकता में रखा है.
सन् 2005-06 में ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों की दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों के ख़िलाफ़ नस्ली टिप्पणियों के कारण आलोचना की गई थी.
आईसीसी के प्रवक्ता का कहना था,'' हमारी नस्लवाद को बिल्कुल स्वीकार न करने की नीति है और नस्लवाद के ख़िलाफ़ हमारे कड़े नियम हैं.''
नवंबर,2006 में सभी सदस्य देशों ने नस्लवादी विरोधी नीति पर हस्ताक्षर किए थे.
आईसीसी सदस्य देश दर्शकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर सकते हैं. जिस देश के मैदान में ऐसी घटना होती है, उस देश पर भी कार्रवाई की जा सकती है.
उस पर आर्थिक दंड लगाया जा सकता है या फिर उस मैदान में अंतरराष्ट्रीय मैचों के आयोजन पर रोक लगाई जा सकती है.