गुरुवार, 11 अक्तूबर, 2007 को 12:02 GMT तक के समाचार
आचार संहिता के उल्लंघन के मामले में पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर पर 13 अंतरराष्ट्रीय मैचों की पाबंदी लगाई गई है. पाकिस्तान क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (पीसीबी) की अनुशासन समिति ने यह फ़ैसला किया है.
तेरह मैचों की पाबंदी के अलावा शोएब अख़्तर पर 34 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है. अनुशासन समिति के प्रमुख शफ़ाक़त नग़मी ने लाहौर में यह घोषणा की.
उन्होंने बताया कि शोएब अख़्तर को आचार संहिता के पाँच मामलों में दोषी पाया गया है और उन्हें दो साल की निगरानी में भी रखा जाएगा.
ट्वेन्टी 20 विश्व कप के दौरान शोएब अख़्तर का साथी खिलाड़ी मोहम्मद आसिफ़ के साथ झगड़ा हो गया था. फिर शोएब और आसिफ़ में मारपीट भी हुई थी.
जाँच
इसके बाद दौरे के बीच से ही शोएब अख़्तर को वापस पाकिस्तान भेज दिया गया और मामले की जाँच अनुशासन समिति को सौंप दी गई.
बाद में शोएब अख़्तर ने स्वीकार किया था कि उनकी आसिफ़ से मारपीट हुई थी. इस मारपीट में मोहम्मद आसिफ़ को जांघ पर चोट आई थी.
शोएब अख़्तर पर लगी पाबंदी ट्वेन्टी 20 विश्व कप से ही लागू मानी जाएगी. यानी पहले ही वे नौ मैचों की पाबंदी झेल चुके हैं.
ट्वेन्टी 20 विश्व कप के दौरान सात मैच और दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ दो टेस्ट मैच. यानी उन्हें चार और अंतरराष्ट्रीय मैचों की पाबंदी झेलनी पड़ेगी.
पाबंदी के फ़ैसले के बाद शोएब ने कहा, "मैं इस प्रतिबंध के ख़िलाफ़ अपील नहीं करूँगा. मैं पाकिस्तान के लिए खेलने को बेताब हूँ. वैसे ही मेरा करियर काफ़ी प्रभावित रहा है. मैं आगे से कोशिश करूँगा कि ऐसा ना हो."
इस घटना के बाद से ही माना जा रहा था कि शोएब अख़्तर का अंतरराष्ट्रीय करियर ख़तरे में पड़ सकता है. पिछले 16 महीने में शोएब ने सिर्फ़ एक टेस्ट मैच और चार एक दिवसीय मैच खेले हैं.
पिछले साल अक्तूबर में चैम्पियंस ट्रॉफ़ी के दौरान डोपिंग के आरोप में शोएब अख़्तर और मोहम्मद आसिफ़ पर पाबंदी लगाई गई थी. हालाँकि बाद में उन्हें इस आरोप से मुक्त कर दिया गया.
पिछले महीने भी शोएब अख़्तर उस समय विवादों में आए जब कराची में प्रशिक्षण के दौरान उन पर बिना इजाज़त कैंप छोड़ने का आरोप लगा. उन पर जुर्माना भी लगाया गया. बाद में उनकी सज़ा निलंबित कर दी गई थी.