सोमवार, 08 अक्तूबर, 2007 को 03:35 GMT तक के समाचार
चंडीगढ़ में खेले गए एक रोमांचक मैच में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को आठ रन से हरा दिया है. भारत के 291 रनों के जवाब में ऑस्ट्रेलिया 283 रन ही बना पाया.
सचिन के 79 और महेंद्र सिंह धोनी के 50 रनों की बदौलत भारत ने निर्धारित 50 ओवर में चार विकेट के नुक़सान पर 291 रन बनाए थे. जबाव में ऑस्ट्रेलिया सात विकेट पर 283 रन ही बना पाया.
एंड्रयू साइमंड्स का क़ीमती विकेट झटकने के बाद मुक़ाबले में पिछड़ती दिख रही भारतीय टीम ने ज़बरदस्त वापसी की और ऑस्ट्रेलिया को मात देकर सात मैचों की सिरीज़ का फासला घटाकर 2-1 कर दिया.
अंतिम ओवर में जीत के लिए 16 रन बनाने थे. लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ी सात रन ही बना पाए.
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को उनकी 35 गेंदों पर 50 रन की आतिशी पारी के लिए मैन ऑफ़ द मैच के ख़िताब से नवाजा गया.
वनडे मैचों में धोनी की कप्तानी में भारत की यह पहली जीत है.
इस जीत की अहमियत इस बात से भी लगाई जा सकती है कि विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ वनडे में 18 जनवरी 2004 के बाद भारत की यह पहली जीत है.
तब भारत ने ब्रिस्बेन में ऑस्ट्रेलिया को 19 रन से हराया था.
ऑस्ट्रेलियाई पारी
भारत के 291 रनों का पीछा करते हुए ऑस्ट्रेलिया ने ज़ोरदार शुरुआत की.
मैथ्यू हेडन और एडम गिलक्रिस्ट की सलामी जोड़ी ने पहले विकेट के लिए 37 रन जोड़े. गिलक्रिस्ट को ज़हीर ख़ान ने आरपी सिंह की गेंद पर सीमा रेखा पर लपका.
गिलक्रिस्ट के आउट होने के बाद पोंटिंग ने मोर्चा संभाला और हेडन के साथ पारी को आगे बढ़ाया. दोनो ने दूसरे विकेट के लिए 85 रन जोड़े.
पोंटिंग को धोनी ने पठान की गेंद पर स्टंप आउट किया. पोंटिग ने 29 रन बनाए. हालाँकि पोंटिंग तीसरे अंपायर के फ़ैसले से भी ख़ुश नहीं नज़र आए.
माइकल क्लार्क के ज़ल्द विदा होने के बाद एक बार फिर हेडन और सायमंड्स ने मोर्चा संभाला और भारत की राह में रोड़ा बन गए.
लेकिन 47वें ओवर में पासा पलटा और 75 रन के व्यक्तिगत योग पर आरपी सिंह की गेंद पर सायमंड्स के आउट होने के साथ ही मैच भारत के पक्ष में मुड़ गया.
भारतीय पारी
इसके पहले भारत ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 291 रन बनाए थे.
सचिन ने 79 रनों की पारी खेली, जबकि धोनी ने पारी की आख़िरी गेंद पर मैच का इकलौता छक्का जड़कर अपना अर्धशतक पूरा किया.
शुरुआती हिचकिचाहट के बाद ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों के लिए ख़तरनाक बनते जा रहे सचिन शतक की ओर बढ़ते दिख रहे थे, लेकिन 42वें ओवर में दुर्भाग्यपूर्ण तरीके के रन आउट हो गए.
होप्स की गेंद पर अंपायर ने एलबीडब्ल्यू की अपील ठुकरा दी, लेकिन इस बीच रन लेने के लिए दौड़ पड़े सचिन की गिल्लियाँ शॉर्ट फाइन लेग पर मुस्तैद ब्रेट ली ने उड़ा दीं.
धोनी ने 35 गेंदों पर पाँच चौकों और एक छक्के की सहायता से 50 रन बनाए और अविजित रहे.
इस मुश्किल को हासिल करने में रॉबिन उथप्पा के 18 गेंदों पर छह चौकों की मदद से बनाए 30 रनों की पारी का ख़ास योगदान रहा.
उथप्पा और धोनी ने नॉथन ब्रेकन द्वारा फेंके जा रहे 50वें ओवर में 20 रन धुन डाले.
वनडे सिरीज़ में भारत को पहली बार बेहतरीन शुरूआत मिली और इसके बाद भी बल्लेबाज़ों के बीच मज़बूत साझेदारियाँ होती रही.
दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग जोड़ी के रूप में शुमार की जाने वाली सचिन-सौरभ गांगुली की जोड़ी ने मेजबान टीम को अच्छी शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 91 रन जोड़े.
हैदराबाद में शतक बनाने वाले युवराज को प्रोन्नत कर तीसरे स्थान पर बल्लेबाज़ी के लिए भेजा गया.
भारत ने युवराज का विकेट 36 ओवर की आखिरी गेंद पर गँवाया. जेम्स होप्स की गेंद को एक्स्ट्रा कवर के ऊपर से मारने के प्रयास में रिकी पोंटिंग को कैच थमा बैठे.