मंगलवार, 02 अक्तूबर, 2007 को 04:12 GMT तक के समाचार
कोच्चि में दूसरे वनडे मैच में भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया के 306 रनों के पहाड़ सरीखे स्कोर का बोझ नहीं सह सकी और 84 रनों के अंतर से परास्त हो गई.
ऑस्ट्रेलियाई चुनौती का जवाब देने के लिए भारतीय पारी में बड़ी साझेदारियों की ज़रूरत थी, लेकिन शीर्ष क्रम के बल्लेबाज़ ढीले शॉट्स पर अपने विकेट फेंकते चले गए और पूरी टीम 47.3 ओवरों में 222 रनों पर सिमट गई.
इस शिकस्त के साथ ही भारत सात मैचों की सिरीज़ में 0-1 से पिछड़ गया है. सिरीज़ का पहला मैच बंगलौर में वर्षा की भेंट चढ़ गया था.
झटके
विकेटों के पतझड़ में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी, रॉबिन उथप्पा और राहुल द्रविड़ ही कुछ हद तक ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ों के सामने डटे रहने का साहस दिखा सके.
ख़ास बात ये रही कि भारतीय बल्लेबाज़ों ने ब्रैड हॉग, माइकल क्लार्क, स्टुअर्ट क्लार्क जैसे स्पिन गेंदबाज़ों के आगे समर्पण किया.
धोनी ने अपने वनडे करियर की 15वीं हाफ़ सेंचुरी लगाई और सबसे अधिक 58 रन बनाए. उन्होंने 88 गेंदों का सामना किया और दो चौके और दो छक्के लगाए.
भारत ने 87 रन पर ही चार विकेट गँवा दिए थे. राहुल द्रविड़ और धोनी के विकेट पर रहते मेहमान टीम कुछ संभलती दिख रही थी, लेकिन 26वें ओवर में द्रविड़ ब्रैड हॉग की गेंद पर सीमा रेखा पर जॉनसन के हाथों लपके गए.
इस वक़्त भारत का स्कोर 136 रन था. द्रविड़ ने धोनी के साथ पाँचवें विकेट के लिए 49 रन की साझेदारी की.
इसके बाद विकेटों के गिरने का सिलसिला पारी ख़त्म होने तक नहीं थमा.
इरफ़ान पठान 27वें ओवर में रन आउट हो गए और चार ओवर बाद हरभजन सिंह भी माइकल क्लार्क की गेंद पर स्टंप आउट हो गए. रमेश पोवार और ज़हीर ख़ान भी ज़ल्द ही पैवेलियन लौट गए.
दरअसल, भारत की शुरुआत बहुत ख़राब रही और और 11 रन के योग पर ही गंभीर मिशेल जॉनसन की गेंद पर बोल्ड हो गए.
उथप्पा और सचिन ने भारत का स्कोर 50 रन के पार पहुँचाया.
सचिन ने ब्रेट ली की गेंद पर छक्का मारकर अपने तेवर दिखाए, लेकिन अगले ही ओवर में वह मिशेल जॉनसन को कवर के ऊपर से मारने के फेर में एंड्र्यू सायमंड्स को कैच दे बैठे.
रॉबिन उथप्पा अपने स्वभाव के अनुरूप आक्रामक बल्लेबाज़ी कर रहे थे, लेकिन माइकल क्लार्क की गेंद पर वह एलबीडब्ल्यू आउट हो गए.
उथप्पा ने 30 गेंदों पर चार चौकों और दो छक्कों की मदद से 41 रन बनाए.
युवराज भी ख़ास कुछ नहीं कर सके और 10 के निजी स्कोर पर चलते बने.
ब्रैड हॉग ने तीन विकेट लिए, जबकि स्टुअर्ट और माइकल क्लार्क ने दो-दो खिलाड़ियों को आउट किया.
ऑस्ट्रेलियाई पारी
इससे पूर्व, ऑस्ट्रेलिया ने ब्रैड हैडिन, एंड्रयू सायमंड्स और मैथ्यू हेडन की शानदार हाफ़ सेंचुरियों की बदौलत भारत को जीत के लिए 307 रनों की मज़बूत चुनौती दी.
हैडिन ने 69 गेंदों पर 87 रन की आतिशी पारी खेली और अविजित पैवेलियन लौटे. उन्होंने सभी भारतीय गेंदबाज़ों की अच्छी ख़बर ली और आठ चौके और तीन ज़ोरदार छक्के भी लगाए.
सायमंड्स और हेडन ने उस वक़्त मोर्चा संभाला था, जब ऑस्ट्रेलियाई पारी लड़खड़ा रही थी और कप्तान एडम गिलक्रिस्ट, माइकल क्लार्क और ब्रैड हॉज़ स्कोरबोर्ड पर महज 66 रन रहते पैवेलियन लौट चुके थे.
सायमंड्स 47वें ओवर में आउट हुए. स्थानीय हीरो श्रीसंत की एक-दो मौकों पर सायमंड्स के साथ नोकझोंक भी हुई.
अंतिम बाजी श्रीसंत के हाथ लगी और वह सायमंड्स को अपनी ही गेंद पर लपक लिया.
सायमंड्स ने 83 गेंदों पर नौ चौकों और दो छक्कों की मदद से 87 रन बनाए.
हेडन ने 75 रन की शानदार पारी खेली. उन्हें पठान ने बोल्ड आउट किया.
बाएँ हाथ के बल्लेबाज़ हेडन ने 89 गेंदों पर पाँच चौकों और तीन छक्कों की मदद से 75 रन बनाए.
ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत खराब रही और पहले ही ओवर में ज़हीर ख़ान ने कप्तान एडम गिलक्रिस्ट का महत्वपूर्ण विकेट झटक लिया.
श्रीसंत ने चौथे ओवर में दूसरा विकेट भी गिरा दिया. श्रीसंत की बाहर जाती गेंद पर ब्रेड हॉज बल्ला अड़ा बैठे और धोनी ने बिना कोई ग़लती किए उन्हें लपक लिया.
रणनीति
भारत ने टॉस जीतकर पहले क्षेत्ररक्षण का फ़ैसला किया.
ऑस्ट्रेलिया ने अपनी टीम में कोई बदलाव नहीं किया. चोट से उबर रहे कप्तान रिकी पोंटिंग इस मैच में भी नहीं खेल सके हैं और एक बार फिर टीम का नेतृत्व गिलक्रिस्ट कर रहे हैं.
भारत ने दो परिवर्तन किए. तेज़ गेंदबाज़ रुद्र प्रताप सिंह के स्थान पर ऑफ़ स्पिनर हरभजन सिंह को मौका दिया, जबकि कमर के निचले हिस्से की चोट से जूझ रहे सौरभ गांगुली की जगह रॉबिन उथप्पा को एकादश में शामिल किया गया.
ग़ौरतलब है कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच बंगलौर में खेला गया पहला एक दिवसीय मैच बारिश की भेंट चढ़ गया था.