शुक्रवार, 28 सितंबर, 2007 को 07:07 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के धुरंधर बल्लेबाज़ मोहम्मद यूसुफ़ ने भारत की विद्रोही इंडियन किक्रेट लीग यानी आईसीएल से जुड़ने का इरादा छोड़ दिया है और अब वो फिर से पाकिस्तान टीम की ओर से खेलने के लिए उपलब्ध होंगे.
वर्ष 2006 में नौ टेस्ट शतक लगाने वाले 33 वर्षीय यूसुफ़ ने इससे पहले भारत में खेले जानी वाली ट्वेंटी-20 लीग से जुड़ने का मन बना लिया था.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के प्रमुख नसीम अशरफ़ ने बताया,''यूसुफ़ के साथ हमारी बैठक बहुत अच्छी रही और उन्होंने बोर्ड के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.''
यूसुफ़ सोमवार से दक्षिण अफ़्रीका के खिलाफ शुरू होने वाले पहले टेस्ट में खेल सकते हैं. लेकिन आतिशी बल्लेबाज़ शाहिद अफ़रीदी ने धार्मिक कारणों से अपना नाम वापस ले लिया है.
अफ़रीदी ने चयनकर्ताओं को बताया है कि वो रमज़ान के पवित्र महीने में रोज़ा रखने के दौरान खेलना नहीं चाहते.
पीसीबी ने कहा है कि उसने अफ़रीदी के अनुरोध को स्वीकार कर लिया है और उन्हें टेस्ट सिरीज़ से अलग कर दिया है.
मतभेद सुलझे
33 वर्षीय यूसुफ़ ने वर्ष 2006 में 1788 टेस्ट रन बनाए थे. पाकिस्तान टीम की कप्तानी के लिए विचार ने किए जाने और दक्षिण अफ़्रीका में टवेंटी-20 विश्व कप के लिए टीम में शामिल न किए जाने से नाराज़ होकर उन्होंने आईसीएल से जुड़ने को रज़ामंदी दे दी थी. इसके बाद अंतरराष्ट्रीय किक्रेट में उनका भविष्य ख़तरे में नज़र आने लगा था.
यूसुफ़ ने बताया, ''बोर्ड और मेरे बीच कुछ मतभेद थे लेकिन सब सुलझ गया है. अब मैं पाकिस्तान के लिए खेलूंगा.''
उन्होंने कहा, ''मुझे पता नहीं था कि आईसीएल के अनुबंध में यह शर्त है कि लीग के दौरान अगर पाकिस्तान टीम भी अंतरराष्ट्रीय किक्रेट खेलती है तो लीग को प्राथमिकता देनी होगी.''
उन्होंने कहा, ''मैंने जो कुछ भी हासिल किया है वो मेरे देश की वजह से है और मैं अपने देश के लिए कुछ भी करने को तैयार हूँ.''