बुधवार, 26 सितंबर, 2007 को 11:31 GMT तक के समाचार
ट्वेन्टी-20 विश्व कप के शायद सबसे रोमांचक क्षणों में शामिल रहेगा भारतीय गेंदबाज़ जोगिंदर शर्मा का आख़िरी ओवर जो जीत में निर्णायक साबित हुआ.
उन्होंने मिसबाहुल हक़ का विकेट लेकर जीत भारत की झोली में डाल दी.
जोगिंदर आप नीचे से बहुत ऊपर तक आए हैं, बहुत मेहनत की है आपने, आपकी मेहनत लगता है अब रंग लाई है.
बहुत बड़ा मैच था, वर्ल्ड कप था, मेरे जीवन का पहला वर्ल्ड कप. हाँ, मैंने बहुत मेहनत की है. पाकिस्तान से मैच था, थोड़ा प्रेशर तो रहता ही, मैंने पिछले कुछ समय में भारत के लिए बुरे खेल का प्रदर्शन नहीं किया. मैंने डोमेस्टिक क्रिकेट में भी अच्छा प्रदर्शन किया. बहुत मेहनत की और टीम में सेलेक्ट हुआ. मैं कप्तान का बहुत आभारी हूँ कि उन्होंने मुझ पर इतना विश्वास किया और आख़िरी ओवर मुझे करने दिया.
फ़ाइनल के अंतिम ओवर के बारे में बताइए, आपके मन में क्या खलबली हो रही थी?
मन में तो यही था कि फ़ाइनल मैच है, वर्ल्ड कप का फ़ाइनल है, बहुत बड़ा मौक़ा है, वह भी पाकिस्तान के साथ मुक़ाबला है. मन में एक ही बात थी कि मैच जिताना है, किसी भी तरह. बहुत अच्छी गेंद करनी है मुझे, थोड़ा सा नर्वस था मैं लेकिन धोनी ने मेरी मदद की, मेरा हौसला बढ़ाया. मैंने उसके बाद अच्छी तरह गेंद फेंकी उसका जो नतीजा हुआ वह आपके सामने है, हम वर्ल्ड कप जीत गए.
क्या यह सब आपके लिए एक सपने जैसा नहीं है, एक सपने से भी ज्यादा?
हर क्रिकेटर का सपना होता है कि वह देश के लिए खेले, हर खिलाड़ी चाहता है कि वह वर्ल्ड कप में हिस्सा ले, मेरा तो ये सपना ही था जो अब हक़ीक़त में बदल गया है. बहुत अच्छा लग रहा है, बहुत ख़ुश हूँ, इस बात से अधिक ख़ुशी मिल रही है कि मेरी वजह से टीम जीत गई. मैं चाहूँगा कि आगे भी अच्छा प्रदर्शन करता रहूँ, अभी वनडे सिरीज़ में चांस मिलेगा तो वहाँ भी अच्छा प्रदर्शन करूँगा अपने देश के लिए.
जब पाकिस्तान का अंतिम विकेट गिरा तब तो आप ज़मीन पर लेट गए थे, क्या चल रहा था आपके मन में?
हम बहुत एक्साइटेड थे, ख़ुशी हो रही थी, (हँसते हुए) समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करें. सब एक दूसरे के गले मिलकर रहे थे, उछल कूद रहे थे, नाच रहे थे, मैंने उस धरती को चूमा जिस पर हमें इतनी बड़ी सफलता मिली. इतनी ख़ुशी थी कि हम उसका इज़हार नहीं कर पा रहे थे.
भारत में सब आपकी राह देख रहे हैं, क्या कहेंगे वहाँ लोगों से?
मैं बहुत खुश हूँ कि उन्होंने मुझे इतना प्यार दिया, हम उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे, जब भी मौक़ा मिलेगा जान लगाकर खेलेंगे.
(भारत के लिए रवाना होने से पहले जोहानेसबर्ग में खेल पत्रकार सुनंदन लेले ने जोगिंदर शर्मा से बातचीत की.)