गुरुवार, 20 सितंबर, 2007 को 02:57 GMT तक के समाचार
आशुतोष चतुर्वेदी
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली
भारतीय अख़बारों में युवराज सिंह के छह छक्कों की ख़बर छाई हुई है.
दैनिक जागरण का शीर्षक है युवराज सिंह ने छुड़ाए छक्के.
अख़बार लिखता है कि नहीं खेलेंगे तो नहीं खेलेंगे. और जब खेलेंगे तो छक्के छुड़ा देंगे, शायद यही भारतीयों के खेलने का अंदाज़ है.
युवराज सिंह ने इंग्लैंड के मैस्करेनॉस के अपनी गेंदों पर लगातार पाँच छक्कों का जवाब देते हुए ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाए.
अमर उजाला का शीर्षक है- वो... मारा.
अख़बार लिखता है कि ट्वेन्टी 20 में भारत ने इंग्लैंड के छक्के छुड़ा दिए हैं.
न्यूज़ीलैंड से पिटने के बाद भारतीय टीम कुछ कर गुजरने को तैयार थी. और टीम ने किया भी ऐसा बेहतरीन प्रदर्शन कि दर्शक कह उठे ... वो मारा.
पंजाब केसरी का शीर्षक है- युवराज का धूमधड़ाका.
अख़बार लिखता है कि युवराज सिंह ने एक ओवर में छह छक्के बरसाकर छक्कों का विश्व रिकॉर्ड बराबर कर दिया.
राष्ट्रीय सहारा का शीर्षक है- युवी का तूफ़ान, सेंसेक्स की उड़ान.
अख़बार लिखता है कि युवराज ने ट्वेन्टी 20 के एक ओवर में छह छक्के जड़कर एक नया इतिहास रच दिया है.
हिंदुस्तान की सुर्खी है- युवराज बने सिक्सर महाराज.
अख़बार लिखता है कि छह छक्कों के कारण युवराज को मैन ऑफ़ द मैच चुना गया है और अब सेमीफ़ाइनल में पहुँचने के लिए भारत को दक्षिण अफ़्रीका को हराना होगा.
अंग्रेज़ी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस ने युवराज के छह छक्कों की तस्वीरें पहले पन्ने पर छापी हैं.
ट्रिब्यून की हेडिंग है- चक दे छक्के.
अख़बार लिखता है कि युवराज के छह छक्कों ने इंग्लैंड के छक्के छुड़ा दिए.