गुरुवार, 20 सितंबर, 2007 को 09:07 GMT तक के समाचार
आईसीसी ट्वेन्टी 20 विश्वकप में आज भारत का मुक़ाबला है दक्षिण अफ़्रीका से. सेमी फ़ाइनल में पहुँचने के लिए भारत को हर हाल में ये मैच जीतना होगा.
दोनों ही टीमों ने बुधवार को धमाकेदार तरीक़े से अपने-अपने मैच जीते. भारत ने युवराज सिंह और सहवाग की विस्फोटक पारी की बदौलत इंग्लैंड को हराया तो वहीं दक्षिण अफ़्रीका ने न्यूज़ीलैंड को परास्त किया.
गुरूवार का मुक़ाबला बेहद कांटे का होने की उम्मीद है. दोनों ही टीमों के बल्लेबाज़ों में रनों का अंबार लगाने की हिम्मत है. लेकिन अंतिम चार में जगह बनाने को लेकर कुछ ख़ास समीकरण भी हैं.
मौजूदा परिस्थितियों में ग्रुप ई की चार टीमों में से दक्षिण अफ़्रीका, न्यूज़ीलैंड और भारतीय टीम सेमी फ़ाइनल में पहुँचने की होड़ में हैं.
लेकिन डरबन में होने वाले इस मुकाबले में भारत सिर्फ़ दक्षिण अफ़्रीका को हराने की सूरत में ही सेमी फ़ाइनल में अपनी सीट सुरक्षित कर सकेगा.
दक्षिण अफ़्रीका के भारत से बहुत बड़े अंतर से हार जाने और हारकर उसका नेट रन रेट न्यूज़ीलैंड के 0.05 से भी नीचे गिर जाने पर भारत के साथ न्यूज़ीलैंड सेमी फ़ाइनल में पहुंच जाएगा.
भारत की ओर से वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर की सलामी जोड़ी ने पिछले दो मैचों में टीम को शानदार शुरूआत दी है.
विकल्प
इसके अलावा भारत के पास युवराज और कप्तान धोनी जैसे विस्फोटक बल्लेबाज़ भी मौजूद हैं, जो खेल में कभी भी बड़ा अंतर ला सकते हैं.
भारतीय टीम में गेंदबाज़ी और क्षेत्ररक्षण दोनों ही बल्लेबाज़ी की तुलना में स्तरीय नहीं रहे हैं. बुधवार के मैच में टीम में कुछ फेरबदल होने की संभावना है.
दूसरी ओर दक्षिण अफ़्रीका की ताकत उसका आलराउंडर प्रदर्शन है. कप्तान ग्रैम स्मिथ और एबी डी वेलियर्स बड़ा स्कोर करने में सक्षम हैं.
जस्टिन केंप ने न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ दिखा दिया कि 10 रन प्रति ओवर के स्कोर का भी पीछा किस तरह किया जाता है.
डरबन का मैदान तेज़ गेंदबाज़ों के अनुकूल बताया जाता है. ज़ाहिर तौर पर दक्षिण अफ्रीका को अपने घरेलू मैदान में खेलने का मनोवैज्ञानिक लाभ मिल सकता है.
छोटे मैदान ओर तेज़ आउटफ़ील्ड होने के कारण रन भी ज़्यादा बनने की संभावना है.
लेकिन समीकरण कुछ भी हों या हार जीत किसी की भी हो लेकिन निश्चित तौर पर खेलप्रेमियों को शानदार मैच देखने को मिल सकता है.