मंगलवार, 18 सितंबर, 2007 को 02:36 GMT तक के समाचार
राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की मंगलवार को मुंबई में बैठक हो रही है जिसमें भारतीय क्रिकेट टीम के लिए नए कप्तान का चयन किया जाएगा.
चयन समिति के अध्यक्ष दिलीप वेंगसरकर और उनके साथियों को यह तय करना है कि किसको कप्तानी सौंपी जाए.
ख़बरें हैं कि कप्तानी की दौड़ में सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और महेंद्र सिंह धोनी सबसे आगे हैं. इनके अलावा अनिल कुंबले और वीवीएस लक्ष्मण का भी नाम चर्चा में है.
ग़ौरतलब है कि हाल में राहुल द्रविड़ ने कप्तान के पद से इस्तीफ़े दे दिया था.
इसी महीने ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ सात वनडे मैचों की सिरीज़ शुरू हो रही है और इसी बैठक में भारतीय टीम का चयन भी किया जाएगा.
सचिन पहले भी भारतीय टीम के कप्तान रह चुके हैं लेकिन उनका रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है. वो 25 में से सिर्फ़ चार टेस्ट मैचों और 73 में से 23 वन डे मैचों में जीत दिला पाए थे.
जानकारों का कहना है कि चयनकर्ता कप्तानी के संकट से निकलने के लिए उन्हें एक बार और कप्तान बना सकते हैं.
अगर चयनकर्ता यह महसूस करते हैं कि सचिन पर वन डे और टेस्ट दोनों की कप्तानी का बोझ डालना ठीक नहीं होगा तो उनके पास दोनों टीमों के लिए अलग अलग कप्तान बनाने का विकल्प है.
ऐसी स्थिति में वे वन डे टीम की कप्तानी महेंद्र सिंह धोनी को सौंपी जा सकती है.
हालांकि धोनी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सिर्फ़ तीन साल पहले आए हैं, लेकिन उन्हें वीरेंद्र सहवाग और युवराज सिंह जैसे खिलाडि़यों पर प्राथमिकता देकर ट्वेन्टी 20 टीम का कप्तान बनाया गया है.
पूर्व चयनकर्ता सैयद किरमानी का कहना है कि सबसे पहले तेंदुलकर से पूछना चाहिए, उसके बाद सौरभ गांगुली से बात करनी चाहिए और उसके बाद ही अन्य विकल्पों पर विचार करना चाहिए.
इस्तीफ़े पर द्रविड़
इधर भारतीय टीम की कप्तानी से हटने के बाद राहुल द्रविड़ ने कहा है कि वो कप्तानी का आनंद नहीं उठा पा रहे थे.
बीसीसीआई ने उनके इस्तीफ़े की घोषणा की थी, तब से वो चुप्पी साधे हुए थे.
समाचार एजेंसी पीटीआई से बातचीत में उन्होंने कहा कि वो वेस्टइंडीज़ में विश्व कप में भारत के ख़राब प्रदर्शन के बाद से ही कप्तानी छोड़ना चाहते थे.
उनका कहना था कि इंग्लैंड के ख़िलाफ़ वन डे सिरीज़ के बाद वो इस्तीफ़ा देने के प्रति गंभीर हो गए थे.
द्रविड़ कहते हैं, ''यह मेरा एक निजी फ़ैसला है. इस बारे में मैं पहले अपने परिवार से बात करना चाहता था, इसलिए मैंने इंग्लैंड में ऐसा कोई फ़ैसला नहीं किया.''
राहुल द्रविड़ ने अक्तूबर, 2005 में भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी संभाली थी और हाल में ही इंग्लैंड को उनकी ही धरती पर 1-0 से टेस्ट श्रँखला में हराया था.