सोमवार, 17 सितंबर, 2007 को 02:04 GMT तक के समाचार
भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने भारत की न्यूजीलैंड के हाथों मिली 10 रन की हार का ज़िम्मेदार गेंदबाज़ों को ठहराया है.
उनका कहना था कि अंतिम ओवरों की कमज़ोर गेंदबाज़ी हार का बड़ा कारण बनी.
महेंद्र सिंह धोनी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' इंग्लैंड के पिछले दौरे में और अब यहाँ भी आख़िरी ओवरों की गेंदबाज़ी हमारे लिए सबसे बड़ी चिंता रही है, ख़ासकर ट्वेन्टी 20 क्रिकेट में तो ये और भी अहम है.''
उल्लेखनीय है कि न्यूज़ीलैंड के बल्लेबाज़ों ने अंतिम पाँच ओवरों में 80 रन बनाए थे.
इसके अलावा धोनी ने बीच के ओवरों में लगातार विकेटों के गिरने को भी इस हार का कारण बताया.
भारतीय कप्तान धोनी का कहना था,'' शुरुआत को देखते हुए हमें जीतना चाहिए था. हमने यहाँ पिछले मैच वाली गलतियाँ कीं. किसी एक को पूरी पारी तक टिकना चाहिए था. मैंने इसकी कोशिश की लेकिन विकेट गिरते चले गए.''
उनका कहना था कि हम कोशिश करेंगे कि ऐसी दिक्कत आगे के मैचों में न हो.
धोनी का कहना था कि यदि वो और कार्तिक अंत तक टिके रहते तो शायद स्थिति कुछ और होती.
उन्होंने लेग स्पिनर पीयूष चावला को न खिलाने के सवाल पर कहा,'' हमारे पास स्पिन गेंदबाज़ी करने वाले कई खिलाड़ी हैं. हमें ऐसे खिलाड़ी चाहिए जो बल्लेबाज़ी भी कर सकें, पठान, हरभजन और अगरकर बल्लेबाज़ी भी कर सकते हैं.''
ग़ौरतलब है कि रविवार को सुपर-8 के मैच में न्यूज़ीलैंड ने भारत को 10 रनों से हरा दिया था.
न्यूज़ीलैंड ने भारत के सामने जीत के लिए 191 रनों का लक्ष्य रखा था. लेकिन जवाब में भारतीय टीम 20 ओवर में 180 रन ही बना सकी.
भारत को वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर ने अच्छी शुरुआत दी थी और पहले विकेट के लिए 76 रनों की साझेदारी की थी.