गुरुवार, 13 सितंबर, 2007 को 10:23 GMT तक के समाचार
नारायण बारेठ
बीबीसी संवाददाता, जयपुर
दक्षिण अफ्रीका में खेली जा रही ट्वेन्टी-20 क्रिकेट प्रतियोगिता में बाज़ी चाहे कोई भी मारे, लेकिन विजेता के हाथ में जो ट्रॉफ़ी होगी वह जयपुर में बनी होगी.
जी हाँ, ये ट्रॉफ़ी राजस्थान की राजधानी जयपुर के अमित पाबूवाल ने बनाई है.
उनका कहना है, "चांदी और रेडियम से बनी इस ट्रॉफ़ी को बनाने में गेंदबाजी, बल्लेबाजी और क्षेत्र-रक्षण तीनों बिंदुओं का ध्यान रखा गया है."
मात्र 15 दिन लगे
पाबूवाल बताते हैं कि 571 मिलीमीटर ऊँची इस ट्रॉफ़ी के निर्माण में उन्हें मात्र 15 दिन लगे.
उनका मानना है, "यह ट्रॉफ़ी कला का एक बेजोड़ नमूना है. इसमें क्रिकेट के खेल को कलात्मक रूप में दिखाने की कोशिश की गई है. ट्रॉफ़ी को स्पर्श करती तीन ऊँची नालियाँ अंडाकार शक्ल में एक-दूजे से जुड़ी हुई हैं."
इस ट्राफी पर एक तरफ़ आईसीसी का चिह्न है तो दूसरी तरफ आईसीसी ट्वेन्टी-20 लिखा हुआ है. ट्राफी के निर्माता ने इसमें मज़बूती का पहलू भी ध्यान में रखा गया है.
वे कहते हैं कि यदि यह किसी के हाथों से फिसल भी जाए तो सुरक्षित रहेगी. ऐसी ट्राफियों में ज्यादातर पीतल, स्टील या क्रिस्टल का इस्तेमाल किया जाता है लेकिन ट्वेन्टी-20 प्रतियोगिता की ट्रॉफ़ी में चांदी और रेडियम का प्रयोग किया है.
इससे पहले भी कई नामी खेल प्रतियोगिताओं के लिए ट्रॉफ़ी बना चुके पाबूवाल अपनी इस कलाकृति पर अभिभूत हैं. वे कहते हैं, "यह भारत के लिए गौरव की बात है. इस प्रतियोगिता की ट्रॉफ़ी बनाना बड़ी कामयाबी है क्योंकि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की स्थाई ट्राफ़ियाँ आमतौर पर इंगलैंड में ही तैयार की जाती हैं."