शुक्रवार, 07 सितंबर, 2007 को 02:12 GMT तक के समाचार
सचिन तेंदुलकर ने उन ख़बरों का खंडन किया है कि वो वन डे क्रिकेट से संन्यास लेने की सोच रहे हैं. उन्होंने कहा कि संन्यास की बात मेरे दिमाग में नहीं है.
भारतीय मीडिया में इस तरह की ख़बरें आईं थीं कि अपना टेस्ट करियर लंबा खींचने के लिए सचिन एकदिवसीय क्रिकेट से संन्यास लेने की सोच रहे हैं.
लेकिन गुरुवार को सचिन ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया. उन्होंने कहा, "मैं अभी बेहतरीन बल्लेबाज़ी कर रहा हूँ. संन्यास की बात मेरे दिमाग में आई नहीं है."
मास्टर ब्लास्टर सचिन का कहना था, "मुझे खेलने में अभी भी मजा आ रहा है और मैं जब तक खेल सकूँ खेलना चाहता हूँ. क्रिकेट मेरे लिए बहुत मायने रखता है."
सचिन तेंदुलकर चार सौ वनडे मैच खेलने का गौरव हासिल करने से महज छह मैच दूर हैं.
अभी तक खेले गए 394 मैचों में उन्होंने 41 शतकों और 83 अर्धशतकों की मदद से 15 हज़ार 395 रन बनाए हैं.
टेस्ट मैचों में भी सचिन का रिकॉर्ड बहुत अच्छा है और वो दुनिया में सबसे अधिक टेस्ट रन बनाने वाले बल्लेबाज़ों में तीसरे नंबर पर हैं.
टेस्ट क्रिकेट में उन्होंने 37 शतकों की मदद से 10959 रन बनाए हैं. सचिन से अधिक रन सिर्फ़ वेस्टइंडीज़ के ब्रायन लारा और ऑस्ट्रेलिया के एलेन बॉर्डर के हैं.
इंग्लैंड की इस दौरे में भी सचिन ने बढ़िया खेल का प्रदर्शन किया है. उन्होंने छह एक दिवसीय मैचों में 57.33 के औसत से 344 रन बनाए हैं.
लेकिन पिछले दो-तीन सालों में सचिन को कई बार चोट आई है और इसी वजह से उन्होंने पहली बार हो रहे ट्वेंटी20 विश्वकप से ख़ुद को दूर रखा है.
ट्वेंटी20 विश्वकप अगले हफ़्ते दक्षिण अफ्रीका में शुरू हो रहा है.
मुश्किल
इस हफ़्ते के शुरू में सचिन ने अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स को बताया था, "मैं क्रिकेट मैदान पर हर क्षण आनंद महसूस करता हूँ. लेकिन इन दिनों एक दिवसीय मैचों में शरीर को जल्दी से स्वस्थ कर पाना कठिन हो गया है और यह मेरे लिए बड़ी समस्या है."
उन्होंने अख़बार को बताया, "इससे मेरे शरीर पर दबाव बढ़ जाता है. जब आप 22 या 23 साल के होते हैं तो आप जल्दी ठीक हो जाते हैं. लेकिन 34 साल के उम्र में यह बहुत आसान नहीं है."
लेकिन उन्होंने आगे कहा, "मेरा शरीर मुझे बता देगा कि कब मैं पर्याप्त क्रिकेट खेल चुका हूँ. अभी मैं बहुत बूढ़ा नहीं महसूस करता हूँ. मैं अभी अपने आपको दिल से एक युवा मानता हूँ."
सचिन तेंदुलकर ने 1989 में 16 साल से भी कम की उम्र से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था.
आने वाले समय में सचिन को पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ होने वाले कड़े मुक़ाबलों में भी हिस्सा लेना है.