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बुधवार, 05 सितंबर, 2007 को 09:40 GMT तक के समाचार

भारत की रोमांचक जीत, सिरीज़ बराबर

भारत और इंग्लैंड के बीच हुए छठें एकदिवसीय मैच में भारत ने दो विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की है.

रॉबिन उथप्पा के चौके ने यह जीत दिलाई तब भारत को जीत के लिए तीन गेंदों में चार रनों की ज़रुरत थी.

उथप्पा ने सिर्फ़ 33 गेंदों में शानदार 47 रन बनाए.

इस रोमांचक जीत में सचिन, गांगुली और गौतम गंभीर ने विशेष योगदान दिया. सचिन ने 94, गांगुली ने 53 और गंभीर ने 47 रन बनाए.

सचिन के शानदार 94 रनों की पारी के लिए उन्हें 'मैच ऑफ़ द मैच' चुना गया.

इंग्लैंड ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 316 रन बनाए थे. इसमें ओवैस शाह का शानदार शतक और मैंस्करनहस के एक के बाद एक पाँच छक्कों का बड़ा योगदान था जो उन्होंने युवराज सिंह के आख़िरी ओवर में लगाए थे.

भारत की जीत के साथ ही भारत और इंग्लैंड के बीच सिरीज़ 3-3 से बराबर हो गई है. आख़िरी वनडे शनिवार को खेला जाएगा.

भारतीय पारी

भारतीय बल्लेबाज़ी की शुरुआत बहुत अच्छी रही. सलामी बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर और सौरभ गांगुली ने पहले विकेट के लिए 150 रन जोड़े और भारत को ठोस शुरुआत दी.

दोनों बल्लेबाज़ों ने इंग्लैंड के गेंदबाज़ों की ख़ूब धुनाई करते हुए चौकों-छक्कों की बौछार कर दी.

एक रन लेने के चक्कर में दौड़ते हुए सचिन और गांगुली आपस में टकरा गए और इससे सचिन को मांसपेशियों में दर्द होने लगा.

पहले गांगुली आउट हुए फिर सचिन को एक बार फिर बिना सेंचुरी पूरी किए वापस लौटना पड़ा. उन्हें 94 के स्कोर पर मोंटी पनेसर की गेंद पर कॉलिंगवुड ने कैच आउट किया था.

इसके बाद गौतम गंभीर ने भी अच्छी बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन किया और 47 रन बनाए.

लेकिन द्रविड़ और युवराज बहुत सस्ते में आउट हो गए.

एक समय जब तेज़ लेकिन सावधानी की पारी खेलने की ज़रूरत थी उसी समय धोनी ने एक ख़राब शॉट लगाते हुए अपना विकेट गँवा दिया.

एक समय भारत का स्कोर पाँच विकेट के नुकसान पर 236 रन हो चुका था और ऐसा लग रहा था कि भारत मैच हार जाएगा.

लेकिन पहले गंभीर और बाद में उथप्पा ने पारी को संभाला.

इंग्लैंड की पारी

पहले बल्लेबाज़ी करते हुए इंग्लैंड ने भारत के सामने जीत के लिए 317 रनों का लक्ष्य रखा था.

इंग्लैंड की पारी की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और उसने दो विकेट जल्दी-जल्दी खो दिए थे.

लेकिन ओवैस शाह, इयन बेल, पीटरसन और ल्यूक राइट की शानदार बल्लेबाज़ी की बदौलत इंग्लैंड विशाल स्कोर बनाने में कामयाब रहा.

इंग्लैंड के मध्यक्रम में बल्लेबाज़ी करने आए ओवैस शाह ने शतक लगाया. अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैचों में यह उनका पहला शतक था.

उन्होंने सिर्फ़ 95 गेंदों में 11 चौकों और दो छक्कों की मदद से 107 रन बनाए और टीम के स्कोर को 300 के पार पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई.

ओवैस के साथ मैस्करहैंस ने भी 15 गेंदों में तेज़ी से 36 रन बनाए. इन 36 रनों में पाँच छक्के भी शामिल थे.

ल्यूक राइट ने ओवैस शाह का अच्छा साथ दिया और उनके साथ छठे विकेट के लिए 106 रनों की साझेदारी की.

राइट ने अपने पहले ही अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच में सिर्फ़ 38 गेंदों पर सात चौके और एक छक्के की मदद से अर्धशतक लगाया और 50 के स्कोर पर रन आउट होकर पवेलियन चले गए.

इंग्लैंड की ओर से पीटरसन ने भी अर्धशतक लगाया. उन्होंने 82 गेंदों में चार चौकों की सहायता से 53 रन बनाए और रन आउट हुए.

इंगेलैंड के कप्तान कुछ कमाल नहीं दिखा सके और एक रन बनाकर रन आउट हो गए. इयन बेल को पीयूष चावला ने बोल्ड आउट किया था.

भारत की ओर से ज़हीर ख़ान, अजित अगरकर और पीयूष चावला ने इंग्लैंड के एक-एक विकेट लिए हैं, जबकि तीन बल्लेबाज़ रन आउट हुए.

भारत का कोई भी गेंदबाज़ अच्छी गेंदें नहीं फेंक सका. शुरू में ज़रूर ज़हीर, अगरकर और चावला ने एक-एक विकेट चटकाए थे.

गौरतलब है कि भारत केवल चार विशेषज्ञ गेंदबाज़ों के साथ उतरा था.

इंग्लैंड ने अपनी बल्लेबाज़ी की पारी शुरू करते ही दो विकेट खो दिए थे.