गुरुवार, 30 अगस्त, 2007 को 13:11 GMT तक के समाचार
मैनचेस्टर में खेले गए चौथे एकदिवसीय क्रिकेट मैच में इंग्लैंड ने भारत को तीन विकेट से हरा दिया है. भारत ने जीत के लिए 213 रनों का लक्ष्य रखा था.
इस तरह सातों एकदिवसीय मैचों की श्रँखला में इंग्लैंड 3-1 से आगे हो गया है.
स्टूअर्ट ब्रॉड को चार विकेट लेने और 45 रन बनाने के लिए 'मैन ऑफ़ द मैच' के पुरस्कार से सम्मानित किया गया.
मैंच के बाद भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने कहा कि अगर हम अपने स्कोर को 240 तक पहुँचा पाते तो शायद मैच का परिणाम कुछ और ही होता.
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय टीम के ऊपरी क्रम के बल्लेबाज़ों की तरफ से जितना योगदान होना चाहिए था वो नहीं पाया.
इंग्लैंड के कप्तान कॉलिंगवुड ने जीत का श्रेय बोपारा और ब्रॉड को दिया.
भारत की ओर से अजित अगरकर बहुत मंहगे साबित हुए और इस कम स्कोर वाले मैच में उन्होंने 60 रन दिए. वैसे उन्होंने चार विकेट ज़रूर झटके.
इंग्लैंड की पारी
इंग्लैंड के एक समय 114 रन पर सात बल्लेबाज़ आउट हो गए थे. लेकिन रवि बोपारा और स्टूअर्ट ब्रॉड ने संभलकर खेलते हुए पारी को संभाल लिया.
इग्लैंड के लिए रवि बोपारा ने 43 और स्टूअर्ट ब्रॉड ने 45 रन बनाए और आठवें के लिए निर्णायक 99 रनों की साझेदारी की.
इंग्लैंड के कप्तान कॉलिंगवुड सात चौकों की सहायता से 47 रन बनाकर रन आउट हुए. इंग्लैंड टीम में ऊपर क्रम का कोई बल्लेबाज़ बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर सका.
हालांकि पारी की शुरुआत में इंग्लैंड की टीम ने पाँच से अधिक के औसत से रन बनाए लेकिन उनके विकेट गिरते रहे.
कप्तान कॉलिंगवुड का विकेट गिरने के बाद तो लग रहा था कि इंग्लैंड मैच हार भी सकती है लेकिन बोपारा और ब्रॉड ने संभलकर खेलते हुए मैच को इंग्लैंड की झोली में डाल दिया.
केविन पीटरसन ने 18 और इयन बेल ने 24 रन बनाए.
भारतीय पारी
इससे पहले भारतीय बल्लेबाज़ 212 रनों के स्कोर पर ऑल आउट हो गए.
भारतीय टीम की ओर से सचिन तेंदुलकर ने 55 और युवराज सिंह ने 71 रन बनाकर भारतीय पारी को थोड़े सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया.
युवराज सिंह ने 104 गेंदों का सामना करते हुए पाँच चौकों और एक छक्के की मदद से 71 रन बनाए.
सचिन ने 81 गेंदों में 55 रन बनाए जिसमें आठ चौके भी शामिल थे.
इंग्लैंड की तरफ से स्टूअर्ट ब्रॉड ने चार और एंडरसन ने तीन विकेट झटके.
सचिन और युवराज के अलावा कोई भी भारतीय बल्लेबाज़ जमकर नहीं खेल सका और सभी जल्दी-जल्दी पवेलियन लौट गए.
ज़हीर ख़ान ने ज़रूर 20 और पीयूष चावला ने 13 रनों का योगदान दिया.
शुरुआत अच्छी नहीं
भारतीय पारी की शुरुआत ही अच्छी नहीं रही. जब टीम के सिर्फ़ 32 रन ही थे तब तक तीन विकेट गिर गए.
इसमें कार्तिक, गांगुली और कप्तान द्रविड़ के विकेट शामिल थे.
कप्तान राहुल द्रविड़ ने एक रन और सौरभ गांगुली ने नौ रन बनाए. द्रविड़ को फ़्लिंटफ़ ने प्रॉयर के हाथों कैच आउट कराया.
उपकप्तान महेंद्र सिंह धोनी भी कोई कमाल नहीं दिखा सके और 13 रन पर मोंटी पनेसर की गेंद पर बोल्ड आउट हुए.
सचिन को केविन पीटरसन की गेंद पर फ़्लिंटफ़ ने कैच आउट किया.
सचिन और युवराज के बीच 71 रनों की साझेदारी हुई.
सौरभ गांगुली सिर्फ़ नौ रन बनाकर आउट हुए तो दिनेश कार्तिक ने चार रन बनाए. कार्तिक का विकेट स्टुअर्ट ब्रॉड को मिला.
भारत के कप्तान राहुल द्रविड़ ने सिरीज़ में लगातार चौथी बार टॉस जीता लेकिन इस बार पहले बल्लेबाज़ी करने का फ़ैसला किया है.
इंग्लैंड इस सिरीज़ में 2-1 से आगे हैं. पहला वनडे इंग्लैंड 104 रनों से जीता था तो दूसरे में उसे नौ रनों से हार मिली थी लेकिन तीसरे वनडे में एक बार फिर इंग्लैंड ने भारत को 42 रनों से हरा दिया.
भारतीय टीम
राहुल द्रविड़ (कप्तान), महेंद्र सिंह धोनी (उप कप्तान), सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली, युवराज सिंह, रमेश पवार, दिनेश कार्तिक, आरपी सिंह, ज़हीर ख़ान, अजित अगरकर और पीयूष चावला
इंग्लैंड की टीम
पॉल कॉलिंगवुड (कप्तान), एलेस्टर कुक, मैथ्यू प्रॉयर, केविन पीटरसन, इयन बेल, एंड्रयू फ़्लिंटफ़, रवि बोपारा, ओवैस शाह, स्टुअर्ट ब्रॉड, जेम्स एंडरसन और मोंटी पनेसर