सोमवार, 20 अगस्त, 2007 को 13:35 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के पूर्व कप्तान इंज़माम-उल-हक़ और दक्षिण अफ़्रीका के चर्चित ऑल राउंडर लांस क्लूज़नर ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से अलग ज़ी समूह के भारतीय क्रिकेट लीग (आईसीएल) में खेलने का फ़ैसला किया है.
इनके अलावा पाकिस्तान के ऑल राउंडर अब्दुर्रज़्ज़ाक़, बल्लेबाज़ मोहम्मद यूसुफ़ और इमरान फ़रहत भी आईसीएल में खेलेंगे. जबकि क्लूज़नर के साथ दक्षिण अफ़्रीका के निकी बोए भी लीग से जुड़ गए हैं.
मुंबई में हुए एक कार्यक्रम में आईसीएल के कार्यकारी बोर्ड के प्रमुख कपिल देव और वरिष्ठ अधिकारी हिमांशू मोदी की उपस्थिति में यह घोषणा की गई.
इन खिलाड़ियों के अलावा वेस्टइंडीज़ के पूर्व कप्तान ब्रायन लारा ने पहले ही आईसीएल में खेलने को लेकर अपनी मंज़ूरी दे दी थी. हिमांशू मोदी ने बताया कि अन्य विदेशी खिलाड़ियों के नाम की घोषणा अनुबंध पर हस्ताक्षर के बाद की जाएगी.
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व गेंदबाज़ों शेन वॉर्न और ग्लेन मैकग्रॉ का नाम भी आईसीएल से जोड़ा जा रहा था. हालाँकि बाद में दोनों ने इससे इनकार किया था कि उन्होंने अनुबंध पर हस्ताक्षर कर दिए हैं.
खिलाड़ी
इन खिलाड़ियों के साथ-साथ दिनेश मोंगिया, दीप दासगुप्ता, जय प्रकाश यादव भी आईसीएल से जुड़ गए हैं. दिनेश मोंगिया ने तो मई में भारतीय क्रिकेट टीम के साथ बांग्लादेश का दौरा भी किया था.
मुंबई में हुए प्रेस कांफ़्रेस में आईसीएल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेलने वाले 44 खिलाड़ियों को मीडिया के सामने पेश किया. आईसीएल की योजना के मुताबिक़ इस साल अक्तूबर और नवंबर से वह 20-20 मैचों का आयोजन करेगा.
प्रेस कांफ्रेस को संबोधित करते हुए कपिल देव ने कहा कि युवा खिलाड़ियों ने साहस का परिचय दिया है और एक क्रिकेट के इतिहास में एक बड़ा फैसला लिया है.
इस अवसर पर कुछ पूर्व खिलाड़ी भी आईसीएल में शामिल हुए हैं जिनमें ईरापल्ली प्रसन्ना का नाम प्रमुख है. वो कार्यकारी बोर्ड के सदस्य होंगे.
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई पहले ही यह कह चुका है कि जो भी खिलाड़ी आईसीएल में शामिल होगा, राष्ट्रीय टीम में चयन के लिए उसके नाम पर विचार नहीं होगा.
पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने भी आईसीएल में शामिल होने वाले खिलाड़ियों के प्रति ऐसे ही क़दम उठाने की बात कही है. 37 वर्षीय इंज़माम-उल-हक़ ने विश्व कप के बाद पाकिस्तान की कप्तानी छोड़ दी थी और वनडे क्रिकेट से संन्यास ले लिया था.
घोषणा
लेकिन सितंबर-अक्तूबर में दक्षिण अफ़्रीका के ख़िलाफ़ टेस्ट सिरीज़ के लिए उनके नाम पर विचार हो रहा था. 32 वर्षीय मोहम्मद यूसुफ़ तो पाकिस्तानी बल्लेबाज़ी की रीढ़ माने जाते हैं.
दूसरी ओर अब्दुर्रज़्ज़ाक़ और इमरान फ़रहत ने पीसीबी के अनुबंध पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया था. रज़्ज़ाक़ ने तो अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने तक की घोषणा कर दी है.
आईसीएल खिलाड़ियों को कितने पैसे दे रही है- इस बारे में उसने कोई जानकारी नहीं दी है लेकिन माना जा रहा है कि खिलाड़ियों को मोटी रकम दी जा रही है.
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक़ प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले कुछ क्रिकेटरों को बीसीसीआई एक सत्र के लिए अधिकतम पाँच लाख रुपए देती है. माना जा रहा है कि आईसीएल इन खिलाड़ियों को अगले तीन वर्षों के लिए 90 लाख रुपए तक दे रही है.
सोमवार को क्रिकेट बोर्ड ने घोषणा की कि वह घरेलू क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों की फ़ीस में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर रहा है. लेकिन उसका ये तर्क है कि फ़ीस बढ़ाए जाने का फ़ैसला पिछले साल राजस्व में हुई बढ़ोत्तरी के कारण है.
बीसीसीआई के सचिव निरंजन शाह का कहना है कि ये बीसीसीआई की नीति रही है. जब कभी भी बोर्ड का राजस्व बढ़ता है खिलाड़ियों की फ़ीस बढ़ा दी जाती है.