शुक्रवार, 17 अगस्त, 2007 को 12:26 GMT तक के समाचार
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के अनुसार अगले साल बीजिंग में होने जा रहे ओलंपिक खेलों के दौरान वहाँ आने वाले लोगों को गंभीर स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं.
चीन की राजधानी बीजिंग में उत्सर्जन कम करने के लिए कोशिशें की जा रही हैं. चीन में प्रशासन ने शहर में उत्सर्जन कम करने के लिए प्रयोग के तौर पर चार दिनों के लिए कारों पर रोक लगा दी है.
इन कोशिशों के बावजूद डब्लूएचओ लोगों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन के डॉक्टर माइकल क्रज़्याज़ानोवोस्की ने कहा, "भारी मात्रा में प्रदूषण होने पर गंभीर समस्याएँ खड़ी हो जाएँगी. जिन लोगों को हृदय की समस्याएँ हैं उन्हें अपनी यात्रा के बारे में फिर से सोचना चाहिए."
चीन के शहर दुनिया में सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से हैं. विश्व बैंक का कहना है कि दुनिया के 20 सबसे अधिक प्रदूषित शहरों में से 16 चीन में हैं.
सेहत
डॉक्टर माइकल क्रज़्याज़ानोवोस्की ने कहा, "यूरोपीय मानकों के आधार अगर देखा जाए तो सभी शहर बहुत अधिक प्रदूषित हैं. एशिया के मानकों पर भी चीन के शहर खरे नहीं उतरते."
उन्होंने कहा कि चीन के सभी शहरों में बीजिंग सबसे अधिक प्रदूषित है.
अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के अध्यक्ष ज़ाक रोख़े पहले ही कह चुके हैं कि अगर परिस्थितियाँ सेहत के लिए ठीक नहीं रहीं तो प्रतियोगिता की स्पर्धाओं की तारीख़ें बदली भी जा सकती हैं.
बीजिंग शहर में लंबे समय से रह रहे लोगों के ऊपर धुंध का प्रभाव सबसे अधिक पड़ने की उम्मीद है. वैसे डॉक्टर क्रज़्याज़ानोवोस्की का कहना है कि अगर खिलाड़ी और दर्शकों थोड़े ही देर बाहर रहे, तो उन पर प्रदूषण का असर हो सकता है.
उन्होंने बताया, "चीन के शहरों में मुख्य समस्या वायु-प्रदूषण है जिसमें छोटे-छोटे कण हवा में मिलकर फेफड़ों का तक पहुँच जाते हैं."
उनके अनुसार खिलाड़ियों पर इन धूल-कणों का बहुत असर नहीं पड़ेगा क्योंकि वो बहुत स्वस्थ होते हैं.
डॉक्टर माइकल क्रज़्याज़ानोवोस्की दर्शकों के स्वास्थ्य को लेकर मुख्य रूप से चिंतित हैं.
उन्होंने कहा, "ऐसी संभावना है कि कम सेहतमंद लोग भी ओलंपिक खेल देखने पहुँच सकते हैं. अगर किसी आदमी को हृदय की बीमारी और अस्थमा है तो प्रदूषण की वजह से उन्हें गंभीर समस्याएँ हो सकती हैं."
योजना
शुक्रवार से बीजिंग शहर में कारों पर प्रतिबंध लगाने का प्रयोग किया जा रहा है जिसके तहत हवा की गुणवत्ता की जाँच की जाएगी.
यह बीजिंग के ओलंपिक खेलों की आयोजन समिति की तरफ से उत्सर्जन कम करने के लिए उठाए गए कई कदमों में से एक है.
आयोजन समिति पर्यावरण में सुधार लाने के लिए लगभग छह बिलियन पाउंड ख़र्च करेगा.
इसके तहत कारखानों को दूसरी जगह ले जाना, पानी सफाई केंद्र में सुधार और परिवहन की आधारभूत व्यवस्थाओं का स्तर ऊपर उठाना जैसे क़दम शामिल हैं.
लेकिन डॉक्टर क्रज़्याज़ानोवोस्की को इन योजनाओं के असर को लेकर संदेह है. उन्होंने कहा, "अगर अगले 12 महीनों में कोई ख़ास प्रगति होती है तो मुझे बहुत आश्चर्य होगा."
उनके अनुसार बीजिंग की समस्याएँ स्थानीय स्तर पर नहीं पैदा हुई हैं.