शनिवार, 04 अगस्त, 2007 को 17:50 GMT तक के समाचार
पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ शोएब अख़्तर और हरफ़नमौला खिलाड़ी शाहिद अफ़रीदी ने इंडियन क्रिकेट लीग (आईसीएल) की ओर से खेलने की पेशकश ठुकरा दी है.
आईसीएल का गठन सुभाष चंद्रा के एस्सेल समूह ने किया है लेकिन भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआई ने उसे मान्यता नहीं दी है.
शोएब ने डोपिंग टेस्ट पास करने के बाद कहा कि उन्हें आईसीएल की ओर से मोटी रक़म देने की पेशकश की गई लेकिन अपने देश की ओर से खेलना कहीं अधिक सम्मानजनक है.
उनका कहना था, "मुझे प्रस्ताव मिला है लेकिन पाकिस्तान के लिए खेलना कहीं अधिक महत्वपूर्ण है. मैं अपनी टीम के लिए बड़ी भूमिका निभाने की तैयारी कर रहा हूँ."
शोएब ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अनुबंध पर दस्तख़त कर दिया है.
उधर अफ़रीदी का कहना था, "प्रस्ताव बढ़िया और आकर्षक था लेकिन मुझे पाकिस्तान टीम में अपना मज़बूत भविष्य दिखता है. मैं अपने प्रशंसकों को निराश नहीं करना चाहता."
अफ़रीदी का कहना था कि उन्हें नौ करोड़ रुपए की पेशकश की गई थी लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया है.
पीसीबी ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों को आईसीएल से दूर रखने के लिए अपने नए अनुबंध में मोटी रक़म देने की घोषणा की है.
नए कॉंट्रैक्ट में खिलाड़ियों की तीन श्रेणियाँ बनाई गई हैं. पहली श्रेणी के खिलाड़ियों को ढ़ाई लाख रूपए , दूसरे श्रेणी के खिलाड़ियों को डेढ़ लाख रूपए और तीसरे दर्जे के खिलाड़ियों को एक लाख रूपए प्रति माह दिए जाएंगे.
आईसीएल ने पाकिस्तान के एक और तेज़ गेंदबाज़ मोहम्मद आसिफ़ को भी लीग की ओर से खेलने का प्रस्ताव दिया था जिसे उन्होंने ठुकरा दिया.