गुरुवार, 02 अगस्त, 2007 को 18:23 GMT तक के समाचार
खेलों में डोपिंग की समस्या को देखते हुए भारत सरकार ने डोपिंग के ख़िलाफ़ अंतरराष्ट्रीय संधि के प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है.
दरअसल, इसके पहले डोपिंग के आरोपों के घेरे में कई भारतीय खिलाड़ियों के आने के कारण भारतीय खेल संघों और सरकार को शर्मिंदगी उठानी पड़ी थी.
भारतीय ओलंपिक संघ के महासचिव रणधीर सिंह ने बीबीसी से बातचीत में सरकार के इस निर्णय का स्वागत किया और कहा कि यह निर्णय बहुत पहले ले लिया जाना चाहिए था.
उनका कहना था कि इससे डोपिंग को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी क्योंकि भारत को दो तीन डोपिंग के मामलों में बहुत शर्मिंदगी उठानी पड़ी है.
उल्लेखनीय है कि डोपिंग के ख़िलाफ़ यह अंतरराष्ट्रीय संधि पेरिस में 19 अक्तूबर, 2005 को हुए यूनेस्को की आम सभा के पारित हुई थी.
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस संधि को मंज़ूरी देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई.
बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने पत्रकारों को बताया कि खेलों में डोपिंग की समस्या को देखते हुए यह फ़ैसला किया गया.
दासमुंशी का कहना था कि डोपिंग को लेकर पूरी दुनिया में चिंता है और 2004 में कोपेनहेगेन घोषणापत्र को स्वीकार कर भारत ने डोपिंग के ख़िलाफ़ अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की थी.
उन्होंने बताया कि इस संधि को महीने भर में लागू कर दिया जाएगा और आगामी छह महीने में इसके लिए ज़रूरी व्यवस्थाएँ पूरी कर ली जाएँगीं.