सोमवार, 30 जुलाई, 2007 को 14:34 GMT तक के समाचार
बैंक ऑफ़ द वेस्ट क्लासिक टेनिस प्रतियोगिता के सिंगल्स फ़ाइनल में भले ही सानिया मिर्ज़ा हार गईं लेकिन डब्लूटीए रैंकिंग में उन्होंने चार पायदान की छलांग लगाई है.
हालाँकि सानिया दुनिया के शीर्ष 30 खिलाड़ियों में शामिल होते-होते रह गईं. ताज़ा रैंकिंग में सानिया मिर्ज़ा 31वें स्थान पर पहुँच गई हैं. रमेश कृष्णन के अलावा कोई भी भारतीय खिलाड़ी आज तक शीर्ष 30 खिलाड़ियों में नहीं शामिल हो पाया है.
रमेश कृष्णन वर्ष 1987 में 23वें स्थान पर पहुँच गए थे. वैसे सानिया मिर्ज़ा वर्ष 2005 में भी 31वें स्थान तक पहुँची थी.
इस साल विंबलडन के बाद सानिया मिर्ज़ा ने लगातार दो प्रतियोगिता में बेहतरीन प्रदर्शन किया है.
सिनसिनाटी ओपन टेनिस में सानिया सिंगल्स के सेमी फ़ाइनल में पहुँची थी और डबल्स का ख़िताब जीता था. बैंक ऑफ़ द वेस्ट क्लासिक में तो सानिया सिंगल्स के फ़ाइनल तक पहुँची और डबल्स का ख़िताब भी जीता.
'सबूत'
रैंकिग के बारे में सानिया ने कहा, "रैंकिंग से ये पता चलता है कि आप दुनिया के खिलाड़ियों में किस स्थान पर हो. लेकिन ये हमेशा आपकी स्थिति का सही आकलन नहीं होते."
सानिया ने कहा कि पिछले कुछ समय से उन्होंने अपनी कमज़ोरी को ठीक करने के लिए काफ़ी मेहनत की है और मौजूदा रैंकिंग उनकी मेहनत का सबूत है.
लगातार दो ख़िताब जीतने के बाद डबल्स में सानिया की रैंकिंग 26वीं हो गई है. हालाँकि सानिया ने सिनसिनाटी ओपन में डबल्स का ख़िताब अमरीका की बेथेनी मैटेक और बैंक ऑफ़ द वेस्ट क्लासिक में डबल्स ख़िताब इसराइल की शहार पीर के साथ हासिल किया.
अगले महीने इस साल का आख़िरी ग्रैंड स्लैम अमरीकी ओपन टेनिस शुरू हो रहा है. लेकिन सानिया को अमरीकी ओपन तक अपनी रैंकिंग बरक़रार रखने में मुश्किल आ सकती है.
सानिया के पिता इमरान मिर्ज़ा भी इससे अनजान नहीं. उनका कहना है कि सानिया को इसके लिए काफ़ी मेहनत करनी पड़ेगी. अमरीकी ओपन से पहले सानिया को पहले एक्यूरा क्लासिक में खेलना है.
उम्मीद है कि इसके बाद सानिया लॉस एंजेलेस और टोरंटो में भी खेलेंगी. इसके बाद अमरीकी ओपन से ठीक पहले न्यू हेवेन प्रतियोगिता में भी खेलेंगे.