सोमवार, 23 जुलाई, 2007 को 22:38 GMT तक के समाचार
भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स टेस्ट ड्रॉ हो गया और भारतीय कैंप ने राहत की साँस ली. राहत की साँस इसलिए क्योंकि अगर मौसम ने उनका साथ नहीं दिया होता, तो इसकी पूरी संभावना थी कि उन्हें हार का सामना करना पड़ता.
जब ख़राब रोशनी और बारिश के कारण मैच रोका गया, उस समय भारत का स्कोर था- नौ विकेट पर 282 रन यानी जीत के लक्ष्य से 98 रन दूर और हाथ में विकेट सिर्फ़ एक.
ऐसी स्थिति में अगर बारिश नहीं आती, तो कोई चमत्कार ही भारत को बचा सकता था. वैसे आख़िर में महेंद्र सिंह धोनी ने संयम से खेल दिखाया और ज़्यादा से ज़्यादा गेंदों का सामना किया.
उन्होंने कई बार अच्छे शॉट लगाने के बावजूद रन नहीं लिया क्योंकि वे नहीं चाहते थे कि श्रीसंत को ज़्यादा खेलने का मौक़ा मिले क्योंकि उनके आउट होने का ख़तरा था.
मैच के बाद भारतीय कप्तान राहुल द्रविड़ ने भी मौसम का शुक्रिया अदा किया और ख़ुले दिल से स्वीकार किया कि मौसम ने टीम को हार से बचा लिया.
निराशा
उन्होंने कहा, "ऐसा लग रहा है कि हम जेल से छूट गए हैं. दूसरी पारी में कुछ खिलाड़ियों ने अच्छा खेल दिखाया. लेकिन सच पूछिए तो मौसम ने हमें बचा लिया. इंग्लैंड की टीम का पलड़ा भारी था. हमने अच्छी शुरुआत नहीं की और पूरे टेस्ट के दौरान उन्होंने दबाव बनाए रखा."
द्रविड़ ने यह भी स्वीकार किया कि टीम की बल्लेबाज़ी अच्छी नहीं थी और ख़ासकर शीर्ष बल्लेबाज़ों ने निराश किया. उन्होंने कहा कि अगर टीम को सिरीज़ में जीत हासिल करनी है तो बल्लेबाज़ी सुधारनी होगी.
उन्होंने कहा, "हमें अगले दोनों टेस्ट मैचों में अपनी बल्लेबाज़ी सुधारनी होगी. हमारे बल्लेबाज़ों को रन जुटाने होंगे ताकि हमारे गेंदबाज़ 20 विकेट ले सकें."
द्रविड़ ने उम्मीद जताई कि टीम इससे सबक लेगी और आगे प्रदर्शन में सुधार होगा. भारत और इंग्लैंड के बीच दूसरा टेस्ट 27 जुलाई से नॉटिंघम में खेला जाएगा. जबकि तीसरा और आख़िरी टेस्ट नौ अगस्त से ओवल में होगा.