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शुक्रवार, 13 जुलाई, 2007 को 09:58 GMT तक के समाचार

अपने हीरो को आउट करना चाहते हैं मोंटी

इंग्लैंड के जाने-माने स्पिनर मोंटी पनेसर और मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर के बीच एक अजीब तरह की प्रतियोगिता है.

मोंटी पनेसर जहाँ सचिन तेंदुलकर का विकेट हासिल करने की ख़्वाहिश रखते हैं, वहीं तेंदुलकर ऐसा नहीं होने देना चाहते. दरअसल पिछले साल नागपुर में मोंटी पनेसर ने तेंदुलकर को आउट कर अपना पहला टेस्ट विकेट हासिल किया था.

किसी भी गेंदबाज़ को अपना पहला टेस्ट विकेट सचिन का मिले, उसके लिए इससे बढ़कर ख़ुशी क्या हो सकती है. वो भी वैसी स्थिति में जब पनेसर बचपन से ही सचिन तेंदुलकर के बड़े प्रशंसक हों.

नागपुर में सचिन ने उस गेंद पर अपने ऑटोग्राफ़ पनेसर को दिए, जिससे उन्होंने सचिन का विकेट हासिल किया था. सचिन ने गेंद पर लिखा, "ऐसा फिर कभी नहीं होगा."

अब आगे क्या होगा- ये तो नहीं पता. सचिन का विकेट पनेसर को मिलेगा या सचिन का कहा सच होगा. लेकिन इन सबसे बेफ़िक्र पनेसर के लिए वो क्षण अविस्मरणीय बन गए.

'अहम क्षण'

पनेसर कहते हैं, "मेरे लिए वो क्षण सबसे अहम थे. जिन्हें मैं सँजो कर रखना चाहूँगा. बचपन से ही सचिन मेरे हीरो थे. वो गेंद मेरे लिए बहुत क़ीमती है और मेरे बेडरूम में सुरक्षित रखी हुई है."

नागपुर टेस्ट के बाद पनेसर ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने को स्थापित किया है. आज वे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की रैंकिंग में छठे स्थान पर हैं.

अभी तक वे 64 टेस्ट विकेट ले चुके हैं और वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ सिरीज़ के दौरान उन्हें मैन ऑफ़ द सिरीज़ चुना गया. हालाँकि इसके बावजूद भारत के अनुभवी बल्लेबाज़ों के सामने गेंदबाज़ी करने को लेकर पनेसर थोड़े सावधान हैं.

भारत और इंग्लैंड के बीच तीन टेस्ट मैचों की सिरीज़ 19 जुलाई से शुरू हो रही है. पहला टेस्ट लॉर्ड्स में खेला जाएगा. पनेसर ने कहा, "मैं ये नहीं मानता कि मैं दुनिया के शीर्ष 10 गेंदबाज़ों में शामिल हूँ. मैं अन्य स्पिनरों की तुलना में अपने को बच्चा ही महसूस कर रहा हूँ. मुझे अभी बहुत कुछ सीखना है."

पनेसर का कहना है कि भारतीय टीम के पास काफ़ी अनुभवी बल्लेबाज़ हैं, जो स्पिनरों के ख़िलाफ़ काफ़ी अच्छा खेलते हैं.