सोमवार, 02 जुलाई, 2007 को 23:29 GMT तक के समाचार
पंकज प्रियदर्शी
बीबीसी संवाददाता, विंबलडन से
विंबलडन में इस बार बारिश कुछ ज़्यादा ही हो रही है. ऐसी बारिश की किसी भी दिन के मैच पूरे नहीं हो पा रहे हैं. तीसरे दिन, फिर छठे और सातवें दिन सबसे ज़्यादा मैच बारिश की भेंट चढ़ें.
माना जाता है कि विंबलडन और बारिश का गहरा नाता है. विंबलडन के दौरान अगर बारिश ना हो तो कई लोगों का मज़ा किरकिरा हो जाता है. क्योंकि विंबलडन के दौरान बीच-बीच में आने वाली बारिश का वे जम कर लुत्फ़ उठाते हैं.
बारिश के दौरान विंबलडन का एक और स्वरूप उभरकर आता है- वो है पार्टी कल्चर. विंबलडन परिसर में बने कई रेस्तरां में इतनी भीड़ हो जाती है और फिर शुरू हो जाता है खाने-पीने का दौर.
लेकिन किसी भी चीज़ में अतिशय हो तो उसका मज़ा कम हो जाता है. यही हाल हो रहा है इस साल विंबलडन की बारिश का. एक-दो बार तो ठीक लेकिन कई-कई दिन के मैच ना हो पाने के कारण लोग निराश हैं.
उस पर से बारिश इतनी कि बहुतों के लिए मज़ा सज़ा बनकर रह गया है. लंबी-लंबी लाइन में लगकर टिकट लेकर आने वाले लोगों को जब एक भी मैच ठीक से देखने को ना मिले, तो उनके लिए तो ये सज़ा ही है मज़ा नहीं.
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कब होगा भूपति का मैच
विंबलडन के सात दिन पूरे हो चुके हैं. लेकिन भारत के महेश भूपति को एक बार भी कोर्ट पर उतरने का मौक़ा नहीं मिला है.
वे भी क्या करें, मिक्स्ड डबल्स की अपनी पार्टनर सानिया मिर्ज़ा के मैच में दर्शक की भाँति उपस्थित होकर अपना मन बहला रहे हैं.
पहले दिन से ही मैंने महेश भूपति को विंबलडन के कई कोर्ट के चक्कर लगाते देखा. शुरू में तो उनके डबल्स में खेलने की पूरी उम्मीद थी.
लेकिन पार्टनर से पंगा किया और डबल्स नहीं खेल पाए. मिक्स्ड डबल्स में उनकी पार्टनर हैं सानिया मिर्ज़ा. लेकिन अभी तक दोनों का मिक्स्ड डबल्स का पहला मैच भी नहीं हो पाया है.
अब महेश भूपति सानिया मिर्ज़ा के मैच में नियम और समय से हाज़िर रहते हैं. कभी-कभी तो समय से भी पहले. क्या करें भई उनके पास मैच नहीं समय ही समय है.
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विंबलडन में भी सुरक्षा बढ़ी
ब्रिटेन में चरमपंथी हमलों के बढ़ते ख़तरे के बीच विंबलडन में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है.
पिछले दिनों लंदन में पुलिस ने दो कार बम हमले को नाकाम किया, तो ग्लासगो हवाई अड्डे पर भी हमले की ऐसी ही कोशिश हुई.
इन घटनाओं को देखते हुए लंदन के कई भीड़-भाड़ वाले इलाक़ों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इसी क्रम में विंबलडन में भी अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं.
विंबलडन की चारदीवारी के पास बड़े-बड़े कंक्रीट स्लैब रख दिए गए हैं. मैच देखने आने वाले दर्शकों के अलावा खिलाड़ियों की भी कड़ी सुरक्षा जाँच की जा रही है.
विंबलडन की ओर आने वाले रास्तों और रेलवे स्टेशनों पर भी कड़ी नज़र रखी जा रही है.
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'भारतीय' के लिए तालियाँ
विंबलडन के सातवें दिन सानिया मिर्ज़ा और शहार पीयर का मैच जिस कोर्ट पर चल रहा था, उसके बगल में भारतीय मूल के अमरीकी खिलाड़ी राजीव राम अपने इसराइली जोड़ीदार हेरेल लेवी के साथ डबल्स मैच खेल रहे थे.
बारिश के बीच वो मैच इतना ज़बरदस्त था कि कोई किसी से हार मानने को तैयार नहीं था. राजीव राम और हेरेल लेवी के सामने थे अर्जेंटीना के मार्टिन गार्सिया और सेबेस्टियन प्रिएटो.
सेट टाई ब्रेकर में जा रहा थे. एक सेट टाई ब्रेक में राजीव और उनके जोड़ीदार जीतते तो दूसरा सेट टाई ब्रेकर में गार्सिया और प्रिएटो.
आख़िरकार जब इस मैराथन मैच का अंत हुआ और भारतीय मूल के राजीव राम और हेरेल लेवी की जोड़ी मैच जीत गई तो सानिया मिर्ज़ा के मैच के लिए इकट्ठा हुए सारे भारतीय दूसरी ओर मुड़कर काफ़ी देर तक तालियाँ पीटते रहे.