गुरुवार, 21 जून, 2007 को 11:31 GMT तक के समाचार
थाइलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री टकसिन चिनवाट मैनचेस्टर सिटी फुटबॉल क्लब को ख़रीदना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने आठ करोड़ डॉलर से अधिक की बोली लगाई है.
मैनचेस्टर सिटी के निदेशक मंडल ने इस बोली पर सकारात्मक संकेत दिए हैं, यह बोली यूके स्पोर्ट्स इनवेस्टमेंट्स ने लगाई है जिस पर चिनवाट परिवार का नियंत्रण है.
इस सौदे के पूरे होने की एक शर्त यह भी है कि चिनवाट प्रीमियर लीग के "उपयुक्त और सही व्यक्ति" के मानदंडों पर खरे उतरें.
इसमें एक अड़चन आ सकती है क्योंकि चिनवाट के ख़िलाफ़ थाईलैंड की मौजूदा सरकार ने भ्रष्टाचार का एक मामला दर्ज किया है.
यह एक ज़मीन घोटाले का मामला है जिसमें चिनवाट की पत्नी पर भी आरोप लगाए गए हैं.
यूके स्पोर्ट्स इनवेस्टमेंट्स में चिनवाट के बेटे और बेटी का भी हिस्सा है.
विदेशी मालिक
ब्रितानी फुटबॉल क्लबों पर विदेशी निवेशकों की नज़र लंबे समय से रही है और कई बड़े फुटबॉल क्लबों के मालिक दुनिया भर के नामी-गिरामी पूंजीपति हैं.
एस्टन विला, चेल्सी, लिवरपूल, मैनचेस्टर यूनाइटेड और वेस्ट हैम कुछ ऐसे फुटबॉल क्लब हैं जिनके मालिक ब्रितानी नहीं हैं.
चिनवाट ने कहा, "मुझे इस बात की खु़शी है कि मैनचेस्टर सिटी फुटबॉल क्लब के निदेशक मंडल ने मेरी बोली पर विचार करने का फ़ैसला किया है."
मैनचेस्टर सिटी फुटबॉल क्लब के चेयरमैन जॉन वर्डल ने कहा, "यह प्रस्ताव मैनचेस्टर सिटी को एक नए दौर में ले जाने में मददगार हो सकता है, इसके बाद हमें मैदान पर भी वह सफलता मिल सकती है जिसकी हम लंबे समय से उम्मीद करते रहे हैं."
टकसिन चिनवाट थाइलैंड में पिछले वर्ष तख़्तापलट होने के बाद से देश से बाहर ही रहे हैं, उन आरोप है कि चिनवाट ने प्रधानमंत्री पद का दुरुपयोग करते हुए चार वर्ष पहले सरकारी ज़मीन अपनी पत्नी को बहुत सस्ते दामों पर बेच दी थी.
ज़्यादातर समय लंदन में रहने वाले चिनवाट का कहना है कि उन्होंने कुछ भी ग़लत नहीं किया है.
दस जुलाई को सुप्रीम कोर्ट इस बात का फ़ैसला करेगी कि चिनवाट के ख़िलाफ़ मुकदमा बनता है या नहीं.