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सोमवार, 11 जून, 2007 को 02:48 GMT तक के समाचार

तैयारी में मानवाधिकारों से खेल

कुछ अंतरराष्ट्रीय मज़दूर संगठनों ने चीन पर आरोप लगाया है कि अगले वर्ष बीजिंग में होने वाले ओलंपिक खेलों की तैयारी में लगे मज़दूरों का शोषण किया जा रहा है.

ओलंपिक की तैयारी पर लगे आरोपों में कहा गया है कि चीन में शोषण का शिकार बच्चे भी हो रहे हैं.

ग़ौरतलब है कि अगले वर्ष यानी 2008 में ओलंपिक खेलों के आयोजन की मेज़बानी चीन के पास है और चीन में इसके लिए ज़ोर-शोर पर तैयारियाँ हो रही हैं.

इस बारे में अंतरराष्ट्रीय ट्रेड यूनियनों की ओर से जारी एक रिपोर्ट में कहा गया है कि दक्षिणी चीन में चार कारखाने ऐसे हैं जहाँ कई बार मज़दूरों को तय न्यूनतम मज़दूरी का आधा ही भुगतान किया जा रहा है.

इन अंतरराष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए चीन में तैयारियाँ तेज़ी से की जा रही हैं और चीन आयोजनों में किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहता है.

आरोप

यह भी आरोप है कि इन कारखानों में मज़दूरों से प्रतिदिन 15 घंटे तक काम लिया जा रहा है.

एक कारखाने के बारे में तो यह तक बताया गया है कि वहाँ स्कूल की छुट्टियों के दौरान 12 वर्ष की उम्र तक के बच्चों से काम लिया जा रहा है. हालांकि कारखाने के मालिक की ओर से इन आरोपों का सिरे से खंडन किया गया है.

उधर ब्रिटिश ट्रेड यूनियन कांग्रेस के ब्रेन्डन बारबर ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति से कहा है कि वो चीन से स्पष्ट निर्देश जारी करे कि इस तरह की गतिविधियाँ स्वीकार नहीं की जाएंगी.

इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने कहा है कि आधिकारिक तौर पर होने वाले उत्पादन पर उनका कोई नियंत्रण तो नहीं है पर इस बारे में कुछ मानक तय किए गए हैं.

समिति ने कहा कि वे अपेक्षा रखते हैं कि इन मानकों का पालन किया जाएगा.