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गुरुवार, 31 मई, 2007 को 11:16 GMT तक के समाचार

एफ़्रो-एशिया कप का संकट टला

भारत में होने वाले एफ़्रो-एशिया कप के आयोजन पर मँडरा रहा ख़तरा टल गया है. निम्बस स्पोर्ट्स के प्रतियोगिता से अपने हाथ खींच लेने के कारण आयोजन को लेकर आशंकाएँ व्यक्त की जाने लगी थी.

लेकिन अब ईएसपीएन-स्टार के साथ समझौता हो गया है. कई स्टार खिलाड़ियों के प्रतियोगिता से हट जाने के कारण निम्बस भी इस आयोजन से हट गया था.

एशियाई क्रिकेट परिषद के प्रमुख सैयद अशरफ़ुल हक़ ने बीबीसी स्पोर्ट्स को बताया कि निम्बस के साथ करार ख़त्म कर दिया गया है. ईएसपीएन-स्टार ने प्रसारण अधिकार हासिल करने के लिए कितने पैसे दिए हैं- ये जानकारी नहीं मिल पाई है.

लेकिन माना जा रहा है निम्बस के मुक़ाबले कम पैसे में ही समझौता हुआ है. सचिन तेंदुलकर, राहुल द्रविड़, मुथैया मुरलीधरन, चमिंडा वास, लसिथ मलिंगा और शोएब अख़्तर एशियाई एकादश में शामिल नहीं हैं.

आयोजन

एफ़्रो-एशिया कप का पहला मैच छह जून को बंगलौर में खेला जाएगा. दूसरा मैच नौ जून को चेन्नई में और तीसरा मैच भी 10 जून को चेन्नई में खेला जाएगा.

एशिया एकादश के अलावा अफ़्रीका एकादश से भी कई स्टार खिलाड़ी हट गए हैं. ग्रैम स्मिथ और याक कैलिस इस प्रतियोगिता में नहीं खेलेंगे.

एशियाई क्रिकेट परिषद के प्रमुख सैयद अशरफ़ुल हक़ ने अकारण प्रतियोगिता से हटने वाले खिलाड़ियों की आलोचना की.

उन्होंने कहा, "बात छोटी नहीं. प्रतियोगिता के माध्यम से दो महादेशों को क़रीब लाने की कोशिश की जाती है और इसका मक़सद एशिया और अफ़्रीका में क्रिकेट को बढ़ावा देना भी है."

उन्होंने कहा कि क्रिकेटरों को क्रिकेट से इतना कुछ मिलता है, तो उन्हें भी कुछ वापस देना चाहिए. वर्ष 2005 में बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने एफ़्रो-एशिया कप की शुरुआत की थी.

उसी साल टीवी और मार्केटिंग अधिकार निम्बस को एक करोड़ 20 लाख अमरीकी डॉलर में बेचे गए थे. उस साल तीन मैचों में से दो ही मैच खेले जा सके थे और सिरीज़ 1-1 से बराबर रही थी. जबकि पिछले साल व्यस्त अंतरराष्ट्रीय कैलेंडर के कारण एफ़्रो-एशिया कप खेला ही नहीं जा सका था.