रविवार, 13 मई, 2007 को 11:34 GMT तक के समाचार
भारत ने रविवार को आठ देशों की अज़लान शाह हॉकी प्रतियोगिता में एशियाई खेलों के चैंपियन दक्षिण कोरिया को 1-0 से हराकर कांस्य पदक जीत लिया.
जबकि ऑस्ट्रेलिया ने मेज़बान देश मलेशिया को 3-1 से हराकर पाँचवी बार स्वर्ण पदक जीता.
भारत के लिए विजयी गोल 56वें मिनट में सरदारा सिंह ने किया.
हालाँकि स्कोर को देखकर मुक़ाबले में भारत के दबदबे का पता नहीं लगता, लेकिन अग्रिम पंक्ति के खिलाड़ियों ने अगर कुछ शानदार मौक़े न गँवाए होते तो जीत का अंतर अधिक होता.
पहले हाफ़ में भारतीय खिलाड़ी थोड़ा सुस्त नज़र आए और उनके बीच तालमेल की भी कमी दिखी.
लेकिन दूसरे हाफ़ में खिलाड़ियों ने रफ़्तार पकड़ी और विपक्षी खिलाड़ियों को हावी होने का मौक़ा नहीं दिया.
दबदबा
टूर्नामेंट में अपना पहला मैच खेल रहे भरत छेत्री का भी जीत में अहम योगदान रहा.
उन्होंने दूसरे हाफ़ में तीन पेनल्टी कॉर्नर पर बेहतरीन बचाव किए और कोरियाई अग्रिम पंक्ति के लिए 'दीवार' साबित हुए.
खेल के 56वें मिनट में रोशन मिंज़ ने बाएँ छोर से हमला बोलते हुए गेंद कोरियाई डी के बाहर खड़े सरदारा सिंह को दी.
इससे पहले कि कोरियाई रक्षक हरकत में आते सरदारा ने गेंद को कब्ज़े में लेते हुए गोल दाग दिया.
भारत सेमीफ़ाइनल में मेज़बान मलेशिया के हाथों 2-1 से पराजित हुआ था, जबकि दक्षिण कोरिया को ऑस्ट्रेलिया से 6-2 की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी थी.
भारत पिछले साल भी यहाँ तीसरे स्थान पर रहा था. जबकि 1985, 1991 और 1995 में भारतीय टीम विजेता रही थी.