रविवार, 13 मई, 2007 को 01:18 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री जॉन हॉवर्ड ने अपनी क्रिकेट टीम को ज़िम्बाब्वे का दौरा रद्द करने का निर्देश दिया है.
प्रधानमंत्री हॉवर्ड का कहना है कि ज़िम्बाब्वे की सरकार अपने लोगों पर अत्याचार कर रही है और विपक्ष का दमन कर रही है.
उनका कहना था कि ऑस्ट्रेलियाई टीम के दौरे से ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति को प्रचार का बड़ा मौक़ा हाथ लग जाएगा.
आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री हॉवर्ड ज़िम्बाब्वे के राष्ट्रपति मुगाबे को 'तानाशाह' मानते हैं
उनका कहना था कि ऑस्ट्रेलियाई सरकार के पास अपनी क्रिकेट टीम को रोकने के लिए क़ानूनी अधिकार हासिल हैं.
इसके पहले ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद से टीम का ज़िम्बाब्वे दौरा रद्द करने का अनुरोध किया था.
ज़िम्बाब्वे का विरोध
दूसरी ओर ज़िम्बाब्वे के ऑस्ट्रेलिया में राजदूत स्टीफ़न चिकेता ने कहा है कि खेल में राजनीति के लिए कोई स्थान नहीं है.
उनका कहना था कि ज़िम्बाब्वे का दौरा रद्द करके आस्ट्रेलिया क्रिकेट को नुक़सान पहुँचा रहा है.
ग़ौरतलब है कि ऑस्ट्रेलियाई टीम सितंबर में ज़िम्बाब्वे का दौरा करनेवाली थी और उसकी वहाँ तीन एकदिवसीय मैच खेलने की योजना थी.
हालांकि उस पर पिछले कुछ समय से अपना दौरा रद्द करने का दबाव शुरू हो गया था.
ऑस्ट्रेलिया ने आख़िरी बार वर्ष 2004 में ज़िम्बाब्वे का दौरा किया था. स्टुअर्ट मैकगिल ने उस दौरे का बहिष्कार किया था.
आईसीसी के नियमों के मुताबिक़ कोई भी देश सुरक्षा कारणों के आधार पर निर्धारित दौरा रद्द कर सकता है अन्यथा उस पर 20 लाख डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.
इसके पहले ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने घोषणा की थी कि ज़िम्बाब्वे का दौरा रद्द करने की स्थिति में अगर ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट बोर्ड पर जुर्माना लगाया जाता है तो वह उसका भुगतान करेगी.