शुक्रवार, 27 अप्रैल, 2007 को 14:10 GMT तक के समाचार
श्रीलंका के स्टार स्पिनर मुथैया मुरलीधरन ने कहा है कि विश्व कप फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ जीत मिली तो ये उनके करियर की सभी उपलब्धियों से बड़ी होगी.
शनिवार को बारबाडोस में मौजूदा चैम्पियन वेस्टइंडीज़ और श्रीलंका के बीच फ़ाइनल मैच खेला जाना है और मुथैया मुरलीधरन पर सबकी नज़रें हैं. 35 वर्षीय मुरलीधरन ने टेस्ट और एक दिवसीय मैचों में कुल मिलाकर एक हज़ार से ज़्यादा विकेट लिए हैं.
वर्ष 1996 के विश्व कप फ़ाइनल में भी श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर ख़िताब पर क़ब्ज़ा किया था. लेकिन मुरलीधरन का मानना है कि इस बार उनकी टीम अगर ऑस्ट्रेलिया को हराती है तो ये जीत 1996 की जीत से भी बड़ी होगी.
मुरलीधरन ने कहा, "ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ जीत मिली तो यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा क्षण होगा. वर्ष 1996 में मैं छोटा था और बहुत कुछ नहीं जानता था. अब मैं ये जानता हूँ कि विश्व कप जीतने का मतलब क्या होता है."
मुरलीधरन ने माना कि ये विश्व कप उनका आख़िरी विश्व कप होगा और अगर उनकी टीम ख़िताब जीत लेती है तो ये मेरे किसी भी व्यक्तिगत रिकॉर्ड से बहुत बड़ा होगा.
उन्होंने कहा कि वे और उनकी टीम के साथी श्रीलंका के आने वाले युवा खिलाड़ियों के लिए एक विरासत छोड़ सकते हैं जैसा श्रीलंका ने 11 साल पहले 1996 में छोड़ा था.
गौरव
मुरलीधरन ने कहा, "टीम की सफलता सबसे महत्वपूर्ण चीज़ है. यह देश के युवा खिलाड़ियों के लिए अच्छा होगा. हमारी टीम में भविष्य में अच्छे क्रिकेटर आ सकते हैं और देश का गौरव बढ़ा सकते हैं."
शनिवार से पहले भी सुपर-8 में श्रीलंका का मुक़ाबला ऑस्ट्रेलिया से हो चुका है लेकिन उस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने श्रीलंका को सात विकेट से मात दी थी. हालाँकि उस मैच में श्रीलंका ने मुरलीधरन, वास और मलिंगा को नहीं उतारा था.
लेकिन मुरलीधरन इससे चिंतित नहीं कि उनकी टीम सुपर-8 में ऑस्ट्रेलिया से बुरी तरह पराजित हुई थी. उन्होंने कहा, "हम अपना स्वाभाविक खेल खेलेंगे. अगर हमारे बल्लेबाज़ अच्छा खेले, तो हम दुनिया की सबसे ख़तरनाक टीम हैं."
माना जा रहा है कि शनिवार को होने वाले फ़ाइनल में केन्सिंगटन ओवल की पिच तेज़ गेंदबाज़ों को मदद करेगी. कुछ जानकारों का कहना है कि इससे श्रीलंका के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है.
हालाँकि सलामी बल्लेबाज़ सनत जयसूर्या का कहना है कि वे आग का मुक़ाबला आग से करेंगे. जयसूर्या ने कहा कि उनके पास भी तेज़ गेंदबाज़ हैं जो ऐसी पिचों पर गेंद बाउंस करा सकते हैं.