शनिवार, 28 अप्रैल, 2007 को 00:15 GMT तक के समाचार
ऑस्ट्रेलिया के मशहूर तेज़ गेंदबाज़ ग्लेन मैकग्रॉ ने घोषणा की है कि फ़ाइनल मैच में पाँच विकेट लेना और जीतना उनके लिए शानदार विदाई होगी.
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो यह उनके 13 वर्ष के क्रिकेट करियर के लिए सबसे अच्छी विदाई होगी.
ग़ौरतलब है कि शनिवार को ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच फ़ाइनल मुक़ाबला होगा. इस मैच के बाद ही मैकग्रॉ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह देंगे.
शनिवार का खेल बारबडोस में खेला जाएगा. इसी मैदान पर एक अंतरराष्ट्रीय मैच खेलते हुए मैकग्रॉ ने वर्ष 1994 में वेस्टइंडीज़ को 68 रन देकर पाँच विकेट चटकाए थे.
मैकग्रॉ बताते हैं कि जिस मैदान पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के पाँच विकेट एक ही मैच में लिए थे वो पिच बारबडोस की ही है और अगर ऐसा फिर होता है तो यह उनके लिए एक शानदार विदाई साबित होगा.
उन्होंने कहा कि वो संन्यास लेना चाहते हैं और इसको लेकर किसी तरह का संदेह नहीं है पर अभी भी वो क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं.
हम भी हैं जोश में...
उधर श्रीलंका के स्टार स्पिनर मुथैया मुरलीधरन भी कह चुके हैं कि विश्व कप फ़ाइनल में ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ जीत मिली तो ये उनके करियर की सभी उपलब्धियों से बड़ी होगी.
शनिवार को बारबाडोस में मौजूदा चैम्पियन ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका के बीच फ़ाइनल मैच खेला जाना है और मुथैया मुरलीधरन पर सबकी नज़रें हैं. 35 वर्षीय मुरलीधरन ने टेस्ट और एक दिवसीय मैचों में कुल मिलाकर एक हज़ार से ज़्यादा विकेट लिए हैं.
वर्ष 1996 के विश्व कप फ़ाइनल में भी श्रीलंका ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर ख़िताब पर क़ब्ज़ा किया था. लेकिन मुरलीधरन का मानना है कि इस बार उनकी टीम अगर ऑस्ट्रेलिया को हराती है तो ये जीत 1996 की जीत से भी बड़ी होगी.
माना जा रहा है कि शनिवार को होने वाले फ़ाइनल में केन्सिंगटन ओवल की पिच तेज़ गेंदबाज़ों को मदद करेगी. कुछ जानकारों का कहना है कि इससे श्रीलंका के सामने मुश्किल खड़ी हो सकती है.
हालाँकि सलामी बल्लेबाज़ सनत जयसूर्या का कहना है कि वे आग का मुक़ाबला आग से करेंगे. जयसूर्या ने कहा कि उनके पास भी तेज़ गेंदबाज़ हैं जो ऐसी पिचों पर गेंद बाउंस करा सकते हैं.