बुधवार, 25 अप्रैल, 2007 को 21:33 GMT तक के समाचार
कहने को तो यह विश्वकप क्रिकेट का दूसरा सेमीफ़ाइनल था लेकिन यह रहा ऐसा जैसा कि कोई साधारण अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मैच भी नहीं होता.
दक्षिण अफ़्रीका की टीम 149 रन बनाकर धराशाई हो गई और पिछले विश्वकप के विजेता ऑस्ट्रेलिया ने 32 ओवरों तक खेलकर इस लक्ष्य का पीछा किया.
आख़िर ऑस्ट्रेलिया सात विकेट से जीत गई.
जो दर्शक इन दोनों में से किसी भी देश के नहीं थे उनके लिए नीरस और उबाऊ.
इस मैच के नतीजे से तय हो गया है कि ऑस्ट्रेलिया एक बार फिर फ़ाइनल खेलेगी.
पहले सेमीफ़ाइन में न्यूज़ीलैंड को हराकर फ़ाइनल में पहुँच चुकी श्रीलंका की टीम के सामने चुनौती होगी विश्वविजेता ऑस्ट्रेलिया से भिड़ने की.
विश्वकप का फ़ाइनल मैच होगा शनिवार, 28 अप्रैल को.
फ़टाफ़ट विकेट
दक्षिण अफ़्रीका ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाज़ी करने का निर्णय तो किया लेकिन उनकी शुरुआत ही अच्छी नहीं रही.
स्मिथ ने अभी दो ही रन बनाए थे कि तीसरे ओवर में ब्रैकेन ने उनकी गिल्लियाँ उड़ा दीं. छठें ओवर में कालिस भी क्लीनबोल्ड हो गए. उनका विकेट मैकग्रॉ ने चटखाया.
तीसरा विकेट विलर्स का था जो 26 रनों के कुल स्कोर पर गिरा.
अभी एक ही रन और जुट पाए थे कि मैकग्रॉ ने लगातार दो गेंदों में प्रिंस और बाउचर को पेवेलियन भेज दिया.
दक्षिण अफ़्रीका की ओर से सबसे अधिक 49 रन बनाए केम्प ने और नाबाद रहे. गिब्स ने 39 रन जोड़े और विलर्स ने 15 रनों का योगदान दिया.
बाक़ी के बल्लेबाज़ तो दहाई के अंक में भी नहीं पहुँच सके.
ऑस्ट्रेलियाई घातक गेंदबाज़ी में सबसे अधिक विकेट यूँ तो टेट के खाते में आए और उन्होंने चार विकेट लिए.
लेकिन मैकग्रॉ की गेंदबाज़ी देखने लायक थी. उन्होंने आठ ओवरों में 18 रन देकर तीन विकेट झटक लिए. वे मैन ऑफ़ द मैच भी रहे.
धीमा ऑस्ट्रेलियाई जवाब
इसके बाद ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज़ जवाब देने उतरे. लगता नहीं था कि उनको बहुत अधिक समय लगेगा.
दक्षिण अफ़्रीका को पहली सफलता दूसरे ही ओवर में मिल गई थी जब गिलक्रिस्ट एक रन बनाकर आउट हो गए.
उनकी आशा बरकार रखी ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पॉन्टिंग ने जो 22 रन बनाकर नेल की गेंद पर बोल्ड हो गए. तब पारी का स्कोर था 44 रन.
लेकिन हेडन के रुप में तीसरा विकेट गिरते-गिरते टीम 110 रन जोड़ चुकी थी और लक्ष्य से बहुत पीछे नहीं थी.
फिर तो क्लार्क (60 रन) और साइमंड्स (18 रन) ने आसानी से टीम को जीत दिला दी.
लेकिन तब तक पारी का बत्तीसवाँ ओवर ख़त्म होने को था.
इस मैच के बाद एक टेलीविज़न चैनल पर टिप्पणी करते हुए इयान चैपल ने कहा भी कि इस विश्वकप में अच्छे प्रतिस्पर्धी मैच देखने को नहीं मिले. और टोनी ग्रेग इससे सहमत हुए.
कौन असहमत हो सकता है इससे.